31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मेडिकल प्रोफेशन में इलाज के साथ होनी चाहिए आप में ये खूबियां

  अगर आप मेडिकल से जुड़े किसी भी प्रोफेशन में हैं, तो आपके अंदर मरीजों को इलाज देने के साथ ही कुछ खूबियां भी होनी जरूरी है। तभी आप एक अच्छे डॉक्टर के या मेडिकल फेसिलिटी देने वाले के रूप में पहचाने जाएंगे। इसलिए हम आपको कुछ टिप्स भी बताने जा रहे हैं।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Subodh Kumar Tripathi

•

Updated: 23 Jun 2023, 11:12 AM IST

rajnandgaon_doctor_.jpg

सरकार ने जारी की साढे़ चार करोड़ रुपए की स्वीकृति

मेडिकल प्रोफेशन में प्रभावी उपचार के लिए ना केवल आवश्यक विषय और तकनीकी कौशल के बारे में ज्ञान होना महत्वपूर्ण है, बल्कि पेशेंट्स और सहकर्मियों के साथ पारस्परिक सहयोग, सकारात्मक संवाद, टीम वर्क, सहानुभूति और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करना इत्यादि जैसी सॉफ्ट स्किल्स का होना भी उतना ही जरूरी है। जानिए, इस फील्ड में कौन-कौन सी स्किल्स का होना जरूरी है...

एमपैथी: व्यक्ति की भावना समझने की क्षमता

ऐसे मेडिकल प्रोफेशनल्स जो अपने पेशेंट्स की भावनात्मक और शारीरिक इलाज की जरूरतों को समझ सकते हैं, वो ज्यादा प्रभावी देखभाल और बेहतर सहायता प्रदान करने में सक्षम होते हैं। सहानुभूति, मेडिकल प्रोफेशनल्स को रोगियों के साथ गहरे स्तर पर जुड़ने, उनकी समस्याओं को सुनने और उपचार प्रक्रिया के दौरान सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्षम बनाती है।

ने तृत्व के गुण न केवल एक अच्छी टीम बनाने में मदद करते हैं बल्कि मेडिकल प्रोफेशनल्स को सबसे प्रभावी उपचार परिणाम प्राप्त करने के इरादे से तेजी से और सुचारू तरीके से काम करने में सक्षम बनाते हैं। इसके साथ टाइम मैनेजमेंट भी आना चाहिए।

प्रभावशाली संवाद

मरीज का बेहतर इलाज और देखभाल के लिए मेडिकल प्रोफेशनल्स को पेशेंट्स एवं उनकी फैमिली, अपने सहकर्मियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने में सक्षम होना चाहिए। संवाद करके, मेडिकल प्रोफेशनल्स पेशेंट्स और उनकी फैमिली का विश्वास जीत सकते हैं।

टीम वर्क

मरीजों की व्यापक देखभाल के लिए मेडिकल प्रोफेशनल्स को टीम के रूप में काम करना आना चाहिए। इससे स्ट्रेस घटता है और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। इससे एक दूसरे की केयर भी हो जाती है।

डॉ. अखिलेश जैन, मनोचिकित्सक, जयपुर

यह भी पढ़ें : बैंक ऑफ इंडिया ने जारी किया प्रोबेशनरी ऑफिसर का रिजल्ट