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अस्थाई चुनौतियों का फायदा उठाते है अपॉर्च्युनिटीज फंड

इस समय आर्थिक मुद्दों से लेकर देशों के बीच तनाव जैसे कई ऐसे अहम फैक्टर हैं, जो अस्थाई है और इनका शेयर बाजार से लेकर सारे निवेश के सेगमेंट पर असर दिखाई देता है।
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जयपुर

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Narendra Singh Solanki

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Updated: 24 Sep 2023, 6:22 PM IST

अस्थाई चुनौतियों का फायदा उठाते है अपॉर्च्युनिटीज फंड

अस्थाई चुनौतियों का फायदा उठाते है अपॉर्च्युनिटीज फंड

इस समय आर्थिक मुद्दों से लेकर देशों के बीच तनाव जैसे कई ऐसे अहम फैक्टर हैं, जो अस्थाई है और इनका शेयर बाजार से लेकर सारे निवेश के सेगमेंट पर असर दिखाई देता है। हालांकि, यहीं पर अपॉर्च्युनिटीज फंड इस तरह की अस्थाई चुनौतियों का फायदा उठाता है और निवेश कर आपको अच्छा खासा फायदा देता है। अपॉर्च्युनिटीज फंड स्थानीय और वृहद चुनौतियों जैसे कि कोरोना, लॉकडाउन, उच्च महंगाई, ब्याज दर में बढ़ोतरी, रूस-यूक्रेन संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और एनबीएफसी संकट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यह फंड पिछले 3 से 4 सालों में और सभी इक्विटी श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ रिटर्न भी दिया है।

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लंबे समय में बेहतर रिटर्न के लिए उपयुक्त

बाजार की अस्थिरता के बावजूद यह फंड बढ़ते और सुधारते बाजारों के दौरान अपने बेंचमार्क के संबंध में एक फंड के प्रदर्शन को दिखाते हैं। अपॉच्र्युनिटीज उन निवेशकों के लिए एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है, जो उच्च जोखिम सहनशीलता के साथ उत्कृष्ट लंबे समय में बेहतर रिटर्न चाहते हैं। वित्तीय सलाहकार या म्यूचुअल फंड वितरक से बात करने के बाद निवेशक फंड को अपने सैटेलाइट पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में मान सकते हैं। इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड विशिष्ट परिस्थितियों में निवेश करता है।

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सेक्टर और स्टॉक एक्सपोजर पर ध्यान केंद्रित

पोर्टफोलियो के लिए कंपनियों और क्षेत्रों को चुनते समय यह विरोधाभासी दृष्टिकोण के समान है। हालांकि, विकल्प हमेशा बेहद मजबूत बुनियादी सिद्धांतों और प्रदर्शन के ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियां का रहा है, जो वर्तमान में एक संक्षिप्त प्रतिकूलता का सामना कर रही हैं। संभावित बदलाव का लाभ उठाने के लिए, सेक्टर और स्टॉक एक्सपोजर पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया अपॉच्र्युनिटीज फ्लेक्सी कैप रणनीति का उपयोग करके इक्विटी में निवेश करता है। यह 2021 तक ज्यादातर लार्ज-कैप के पक्ष में था, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक निवेश इक्विटी में थे और बाकी मिड और स्मॉल कैप में थे। हालांकि, पिछले एक या दो वर्षों के दौरान, फंड ने गियर बदल दिया है और अपने दृष्टिकोण में अधिक मल्टी-कैप बन गया है।

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बिजली, टेलीकॉम और मेटल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी

जुलाई 2023 की फैक्टशीट के अनुसार, इसका 59.6 फीसदी एक्सपोजर बड़े कैप में, 16.4 फीसदी एक्सपोजर मिडकैप में और 13.1 फीसदी एक्सपोजर स्मॉल कैप में है। परिणामस्वरूप, दीर्घकालिक वादे के साथ एक व्यापक-आधारित विशेष परिस्थिति पोर्टफोलियो संभव हो जाता है। मार्च 2020 के बाजार में मंदी के बाद इस फंड ने बिजली, टेलीकॉम और मेटल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की, जबकि वे सभी अनुकूल स्थिति से बाहर थी और आगामी वृद्धि से अच्छा मुनाफा कमाया। इसी तरह, 2021 में बैंकों की बैलेंसशीट में मजबूती शुरू होने से पहले, फंड का इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश था।

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इस फंड ने एक लाख को बनाया 2.38 लाख

अगर रिटर्न की बात करें तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया अपॉच्र्युनिटीज फंड में अगर किसी ने इसकी स्थापना के समय जनवरी, 2019 में एक लाख रुपए का निवेश किया होगा, तो यह रकम अब 2.38 लाख रुपए हो गई होगी। यानी 20.7 फीसदी सीएजीआर का रिटर्न मिला है। यही रकम अगर आप इसके बेंचमार्क निफ्टी 50 टीआरआई में लगाते तो यह केवल 1.94 लाख रुपए होता है यानी 15.5 फीसदी का रिटर्न। यही नहीं, किसी ने मासिक 10 हजार का एसआईपी किया होगा तो कुल निवेश की रकम 5.6 लाख रुपए हुई, लेकिन इसका मूल्य 10.44 लाख रुपए हो गया। यानी एसआईपी में भी यह दोगुना के करीब है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के इंडिया अपॉर्च्युनिटीज फंड उन कंपनियों को खरीदकर अपने पोर्टफोलियो में सफलतापूर्वक विविधता लाता है, जो अस्थायी चुनौतियों के कारण गिरावट के दौर में हैं या गिरावट के करीब हैं। इस रणनीति से निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिला है, क्योंकि मजबूत कंपनियां अक्सर विशेष परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी कीमतों में तेज वृद्धि होती है।