
साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में, यानी पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर कुल 245399 मतदाता थे, और उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार यशपाल सिंह सिसोदिया को 102626 वोट देकर विजयश्री प्रदान की थी, और विधायक बना दिया था, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार नरेंद्र नाहटा को 84256 मतदाताओं का भरोसा हासिल हो पाया था, और वह 18370 वोटों से चुनाव हार गए थे।
साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में मंदसौर विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार यशपाल सिंह सिसोदिया ने जीत हासिल की थी, और उन्हें 84975 मतदाताओं का समर्थन मिला था. विधानसभा चुनाव 2013 के दौरान इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह गुर्जर को 60680 वोट मिल पाए थे, और वह 24295 वोटों के अंतर से दूसरे पायदान पर रह गए थे.
साल 2008 में मंदसौर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार यशपाल सिंह सिसोदिया को कुल 60013 वोट हासिल हुए थे, और वह विधानसभा पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह गुर्जर दूसरे पायदान पर रह गए थे, क्योंकि उन्हें 58328 वोटरों का ही समर्थन मिल पाया था, और वह 1685 वोटों से चुनाव में पिछड़ गए थे।
कैसा है इतिहास
अफीम की खेती की वजह से मंदसौर जिला लगातार चर्चा में रहा है। लिहाजा जिले की राजनीति में काले धन की दखल से इंकार नहीं किया जा सकता। मंदसौर विधानसभा में जातिगत समीकरण भी चुनाव का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। यहां पर ठाकुर, पाटीदार, धाकड़, कुमावत और जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं। यहां कई मुस्लिम बाहुल इलाके भी हैं।
Updated on:
04 Dec 2023 12:31 pm
Published on:
06 Nov 2023 12:20 pm
