डॉलर के विरुद्ध रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का भी भारतीय शेयरों पर असर रहेगा। पिछले हफ्ते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। मार्च में समाप्त होने वाले फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ), अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के आर्थिक आंकड़ों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी का भी घरेलू शेयर बाजार पर असर पड़ेगा।