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इन वजहों से इस सप्ताह शेयर बाजार में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव का दौर

अमरिका-ब्रिटेन में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों के बीच अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजारों से मिलने वाले संकेतों से इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार की चाल तय होगी।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 26 Mar 2018, 9:00 AM IST

Share Market

नई दिल्ली। वैश्विक ट्रेड वॉर जंग की आशंका और अमेरिका और ब्रिटेन में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों के बीच अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजारों से मिलने वाले संकेतों से इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार की चाल तय होगी। सप्ताह के अंतिम दो दिन छुट्टियां पड़ने से कारोबारी सप्ताह छोटा होगा। इसके अलावा, मार्च महीने में फ्यूचर्स व ऑप्शंस की समाप्ति से भारतीय शेयरों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। बीते सप्ताह टैरिफ के मसले पर दुनिया के दो बड़े व्यापारिक साझेदारों के बीच आपसी हितों को लेकर तनातनी के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट रही और इस सप्ताह भी अस्थिरता रहने की संभावना है, क्योंकि अमेरिका और चीन के शुल्क विवाद से वैश्विक व्यापार जंग के आगाज की आशंका बनी हुई है।


कच्चा तेल कर सकता है खेल

डॉलर के विरुद्ध रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का भी भारतीय शेयरों पर असर रहेगा। पिछले हफ्ते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। मार्च में समाप्त होने वाले फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ), अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के आर्थिक आंकड़ों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी का भी घरेलू शेयर बाजार पर असर पड़ेगा।


छोटा होगा कारोबारी सप्ताह

कारोबारी सप्ताह छोटा होगा, क्योंकि गुरुवार को महावीर जयंती है तो 30 मार्च को गुड फ्राइडे जिससे कारोबारी सप्ताह महज तीन दिनों का होगा। साथ ही, एफ एंड ओ सेगमेंट मार्च महीने केी समाप्ति के बाद अप्रैल 2018 अनुबंध की शुरुआत होगी। लेमन ट्री होटल का आईपीओ 26 मार्च को आने वाला है और यह 28 मार्च को बंद होगा। आईपीओ की कीमतें 54-56 रुपये प्रति शेयर है। इस सप्ताह जारी होने वाले घरेलू व विदेशी आर्थिक आंकड़ों का भी असर शेयर बाजारों पर होगा। सरकार चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 11 महीने में राजकोषीय घाटे के आंकड़े जारी कर सकती है। वहीं अमेरिका में अंतिम तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े आने वाले हैं।


बीते हफ्ते ये था शेयर बाजार का हाल

बाॅम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित इंडेक्स सेंसेक्स कारोबारी सप्ताह के अंत में शुक्रवार को 409.73 अंकों या 1.24 फीसदी की गिरावट के साथ 32,596.54 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित इंडेक्स निफ्टी 116.70 अंकों या 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 9,998.05 पर बंद हुआ।


चल रहा चीन-अमरीका के बीच ट्रेड वाॅर

अमेरिका ने चीन पर प्रौद्योगिकी चोरी का इल्जाम लगाते हुए गुरुवार को चीनी वस्तुओं के आयात पर 60 अरब डॉलर का शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की। इसपर पलटवार करते हुए चीन ने भी शुक्रवार को अमेरिकी वस्तुओं के आयात पर तीन अरब डॉलर का शुल्क लगाने की घोषणा कर दी।


आयात शुल्क की लड़ार्इ से भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान होने के आशंका

उधर, उद्योग संगठन एसोचैम ने संभावित वैश्विक व्यापार-संग्राम से भारत की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होने की आशंका जताई है। एसोचैम के मुताबिक, आयात शुल्क को लेकर शुरू हुई लड़ाई अगर पूरी तरह व्यापारिक संग्राम का रूप लेती है तो भारत पर भी इसका समानांतर असर होगा और देश का निर्यात प्रभावित होने के साथ-साथ चालू खाते के घाटे पर दबाव रहेगा और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) घट जाएगा।