कोतवाली इलाके के नगला पायसा निवासी एक परिवार बच्ची का बर्थडे मनाकर लौट रहा था। असकुंडा घाट पर बारिश के कारण अचानक उनकी स्कूटी गिरने से बच्ची यमुना में बह गई।
उत्तर प्रदेश के 49 जिलों में पिछले चार-पांच दिनों से बारिश का दौरा जारी है। इसी कड़ी में धर्म नगरी मथुरा में भी पिछले 24 घंटे से बारिश का प्रकोप जारी है। ऐसे में नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। दरअसल, शहर के थाना कोतवाली इलाके के नगला पायसा निवासी एक परिवार 3 वर्षीय बच्ची का बर्थडे मनाकर घर लौट रहा था। तभी अचानक स्कूटी फिसलने के कारण बच्ची अपनी मां की गोद से उछलकर यमुना में बह गई। मौके पर सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान बच्ची को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन बच्ची अभी तक नहीं मिल सकी है।
असकुंडा घाट के पास हुआ हादसा
बताया जाता है कि चौबिया पाड़ा निवासी नितेश चतुर्वेदी की 3 वर्षीय बेटी का शनिवार को बर्थडे कार्यक्रम था। रात्रि 11 बजे परिवार लौट रहा था। इस बीच तेज बारिश के कारण द्वारिकाधीश मंदिर के निकट असकुंडा घाट के पास अचानक स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई। पानी के तेज बहाव में असकुंडा घाट पर बच्ची यमुना में बह गई। देर रात तक बच्ची की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इस दर्दनाक हादसे के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बताया गया है कि बच्ची का पिता दुबई में है और वह हादसे के बाद मथुरा के लिए रवाना हो गया है।
बारिश के चलते पहले भी हुए हादसे
गौरतलब है कि मथुरा में बारिश के कहर के चलते यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पूर्व भी कैलाश नगर में दो युवकों की गहरे नाले में गिरकर डूबने से मौत हो गई थी। नगर निगम नालों की सफाई कराने का कितने भी दावे करें लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मथुरा में 24 घंटे से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। गहरे नाले, नालियों में हुए जलभराव के चलते बारिश का पानी सड़कों पर बहने के कारण यह हादसा सामने आया है। नगर निगम के आलाधिकारियों द्वारा यदि यमुना किनारे तेज बहाव से रोकने के लिए कोई उपाय किए होते तो यह हादसा बचाया जा सकता था।