
मथुरा. कार्तिकमास में शुक्लपक्ष की अष्टमी को देशभर में आज गोपाष्टमी (Gopashtami) पर्व मनाया जा रहा है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण को गौ चरण के लिए वन भेजा गया था। इसलिए इस दिन गाय और बछड़े की पूजा हिंदू धर्म में विशेष फलदायी माना जाता है। मथुरा-वृंदावन के साथ देशभर में आज के दिन धूमधाम से गोपाष्टमी मनाई जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का भी गो प्रेम किसी से छिपा नहीं है। जब से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है, तब से गोसंरक्षण और संवर्धन के लिए योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आइये जानते हैं योगी सरकार ने गाेवंश (Govansh) के लिए क्या-क्या किया है?
5 हजार से ज्यादा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल
उल्लेखनीय है कि 2017 में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंशों को गो आश्रय स्थलों पर भेजने का कार्य किया गया। सीएम योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत अब तक प्रदेश के 11.84 लाख निराश्रित गोवंशों में से 5 लाख 25 हजार 376 गोवंशों को गो आश्रय केन्द्रों में संरक्षित किया जा चुका है। योगी सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में फिलहाल 5 हजार से ज्यादा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों को चलाया जा रहा है।
सहभागिता योजना से कमाएं 3600 रुपए प्रति माह
योगी सरकार मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना (Destitute cattle participation scheme) के तहत एक गाय काे पालने के लिए 900 रुपए प्रति माह देती है। इस योजना के तहत 1069 कुपोषित बच्चों के परिवारों को सरकार ने 1071 गोवंश मुहैया कराए हैं। सीएम योगी की इस योजना के तहत अब किसान घर में जियो टैग के बाद गाय या बछड़ा पाल सकते हैं। इसके लिए सरकार प्रत्येक गोवंश 900 रुपए हर माह उनके बैंक खाते में डालेगी। सरकार एक किसान को चार गोवंश तक पालन के लिए दे सकती है।
गाे-पालकों को दोगुना फायदा
मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत जहां लोगों को सरकार से आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंशों को भी घर मिलेगा। साथ ही लाभार्थियों को गाय के दूध-दही भी मिल सकेंगे, जिससे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के पालन-पोषण में मदद मिलेगी। इसके अलावा गोवंश के पालन से गोबर और गोमूत्र से बनने वाली औषधीय सामग्रियों का फायदा भी पालनकर्ता को मिलेगा। वहीं गोबर को खेती में खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि कोई भी लाभार्थी योजना के तहत गोवंशों को सड़कों पर नहीं छोड़ सकेगा।
पशुओं के लिए आधार कार्ड
बता दें कि सरकार का पशुपालन विभाग पालतू पशुओं की ईयर टैगिंग कर रहा है। यह इयर टैगिंग आधार कार्ड की तर्ज पर की जा रही है, ताकि पशुओं के मालिकों की पहचान, नस्ल और वर्तमान स्थिति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। अब तक उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 23 लाख 83 हजार 742गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं की टैगिंग हो चुकी है, जिनमें 95 लाख 77 हजार 781 गोवंश हैं। योगी सरकार ने 31 मार्च 2021 तक गोवंश के आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
गोवंश काटने पर अब 10 साल की सजा
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. श्यामनंदन सिंह ने बताया कि योगी सरकार ने गाे संरक्षण के लिए जितना कार्य किया है, उतना कार्य किसी सरकार ने नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पहली बार गोवंश के कटान पर सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। साथ ही जुर्माना भी बढ़ाया गया है।
धूमधाम से मनाई जा रही गोपाष्टमी
सीएम योगी के आदेश पर प्रदेश के हर जिल में गोपाष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। बता दें कि सीएम योगी ने सभी जिलों की गोशालाओं में गोपाष्टमी मनाने के आदेश दिए थे। उन्होंने सभी गो सेवा केंद्रों को सजाने के साथ ही गो पूजा करने और उनकी चिकित्सकीय जांच कराने को कहा था। सीएम के आदेश पर स्थानीय विधायक, सांसद और आसपास के लोग सभी गोशालाओं में गोपाष्टमी मना रहे हैं।
Published on:
22 Nov 2020 01:20 pm
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