3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी ने भरा साढ़े तीन करोड़ का इनकम टैक्स

Vrindavan Thakur Banke Bihari वृंदावन मे करोड़ों लोगों के आराध्य बांकेबिहारी को आयकर विभाग की नोटिस मिलती है। वह भी आयकर अदा करते हैं। इस बार भी उन्होंने इनकम टैक्स जमा कराया। बांकेबिहारी कुल सम्पति कितनी है। जानें  

2 min read
Google source verification
वृंदावन मे ठाकुर बांके बिहारी ने भरा साढ़े तीन करोड़ का इनकम टैक्स

वृंदावन मे ठाकुर बांके बिहारी ने भरा साढ़े तीन करोड़ का इनकम टैक्स

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रतिमाह करोड़ों रुपए आयकर विभाग को टैक्स के रूप में भरता है। भगवान बांके बिहारी मंदिर की मासिक आय 4 से 6 करोड़ रुपए आंकी गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार वर्ष 2012 में आयकर विभाग ने ठाकुर बांकेबिहारी जी के नाम से मंदिर को नोटिस जारी कर आय को सार्वजनिक करने के लिए कहा था। मंदिर कमेटी ने कोई जवाब नहीं दिया। नोटिस के बाद बांके बिहारी के नाम से आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई जो दस साल तक चली। पिछले साल दान की वार्षिक धनराशि 20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। इसके सापेक्ष सेवार्थ कार्य नहीं हो पाए। ऐसे में बांके बिहारी को वित्तीय वर्ष 2021-2022 की आय पर पिछले सितंबर में साढे़ तीन करोड़ रुपए आयकर के रूप में चुकाने पड़े।

साढ़े तीन करोड़ रुपए आयकर जमा किया - उमेश सारस्वत

मंदिर के प्रबंधक प्रशासन उमेश सारस्वत ने बताया कि, ठाकुर जी की ओर से मंदिर प्रबंधन द्वारा सितंबर 2022 में साढ़े तीन करोड़ रुपए आयकर जमा किया था। भगवान बांके बिहारी मंदिर के बैंक खाते की अगर बात की जाए तो करीब 248 करोड़ रुपए की धनराशि बैंक खातों में जमा है।

यह भी पढ़े - अयोध्या के दीपोत्सव में रूसी रामलीला का होगा मंचन, दारिया बनेंगे हनुमान तो चेरन्याश रावण

इस नियम के तहत बांकेबिहारी देते हैं इनकम टैक्स

आयकर की धारा 12 ए के तहत पंजीयन पर छूट मिलती है। लेकिन इसके साथ 85 प्रतिशत धर्मार्थ व सेवार्थ खर्च करने की शर्त होती है। 85 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च करने पर संबंधित संस्था आयकर के दायरे में आ जाती है। बांकेबिहारी प्रकरण में भी यह नियम लागू होता है।

यह भी पढ़े - यूपी बोर्ड 2022 की 12वीं कक्षा की नई टॉपर, जानें कैसा बदल गया रिजल्ट

बांके बिहारी मंदिर में दान के कई तरीके

बांकेबिहारी मंदिर में दान कई तरीकों से दिया जाता है। दान के लिए मंदिर में गुल्लक रखा गया है। रसीद भी कटती है। गुल्लक और रसीद पर दिया गया दान मंदिर प्रबंधन के माध्यम से बांकेबिहारी के बैंक खाते में जमा होता है। इसके अतिरिक्त मिलने वाला दान सेवायत अपने पास रखते हैं।

सिविल जज बांके बिहारी मंदिर के हैं प्रशासक

बांके बिहारी मंदिर की प्रबंध समिति में सात सदस्य होते हैं। पर कमेटी आजकल भंग है। 2014 में कमेटी में विवाद हो गया। मामला हाइकोर्ट गया। जहां आम सहमति न होने पर हाइकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिविजन को बांके बिहारी मंदिर का प्रशासक नियुक्त कर दिया। जब तक कमेटी के चुनाव पर सेवायतों में आम सहमति नहीं बन जाती है, तब तक प्रशासक की देखरेख में मंदिर की व्यवस्था चलेगी। प्रबंधक पद यथावत है, जो मंदिर के कार्य देखते हैं।