यूपी में ब्राह्मण मुख्यमंत्री के चेहरे पर चुनाव लड़े कांग्रेस: आचार्य प्रमोद कृष्णम

Highlights
- सरकार के कृषि बिल को बताया किसान विरोधी
- आचार्य प्रमोद कृष्णम का महानगर में हुआ स्वागत
- कांग्रेस लड़ेगी अकेले विधानसभा चुनाव

By: lokesh verma

Published: 15 Jan 2021, 05:02 PM IST

मेरठ. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के टाॅप फाइव कमेटी में शामिल कल्की पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का मेरठ आगमन पर जगह-जगह स्वागत किया गया। बता दें कि आचार्य प्रमोद कृष्णम सोनिया और प्रियंका गांधी के सलाहकार कमेटी में भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के हालात वाकई दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, नौजवानों और आम जनता का केंद्र प्रदेश सरकार से भरोसा उठा रहा है। इसलिए कांग्रेस का प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा ब्राह्मण होना चाहिए।

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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी डॉ. युसूफ कुरैशी के आवास पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इससे पहले उनका यहां पहुंचने पर डॉ. युसूफ कुरैशी, शहजाद युसूफ, पूर्व महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी, वरिष्ठ नेता सतीश शर्मा ठाकुर तेजवीर सिंह ने स्वागत किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस दौरान पार्टी से जुडे़ कई नेताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ गहन मंत्रणा की। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कहती कुछ है और करती कुछ है। जिसकी वजह से देश की राजधानी और देश की सीमाओं दोनों पर संकट है। उन्होंने कहा कि किसान हिन्दुस्तान के हैं। केंद्र सरकार उनके दर्द को समझे और उनकी बात मनाते हुए कृषि कानूनों को वापस ले।

उन्होंने कहा कि पुलिस जाति-धर्म देखकर कार्रवाई करती है। 31 साल से प्रदेश में कांग्रेस सत्ता से बाहर है, लेकिन 2022 में राजनीतिक-सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाली कांग्रेस को समर्थन देकर सत्ता में लाना चाहिए, ताकि यहां गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखा जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा, सपा, बसपा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अभी तय नहीं किया। कांग्रेस को किसी ब्राह्मण को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना चाहिए। हालांकि पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व ही इस पर कोई फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है। सूबे में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन समान विचारधारा वाले दल गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं।

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