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अतीक और मुख्तार अंसारी के बाद कुख्यात बद्दो की संपत्ति की कुर्की शुरू, मौके पर पुलिस फोर्स तैनात

Highlights - पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदन सिंह बद्दो के घर की कुर्की की कार्रवाई शुरू- मेरठ के कई थानों का फोर्स पंजाबीपुरा में तैनात- थाना टीपी नगर में है कुख्यात बद्दो का पुश्तैनी मकान

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मेरठ

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lokesh verma

Nov 07, 2020

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मेरठ. पश्चिमी यूपी के कुख्‍यात बदमाश दो लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। प्रदेश के तमाम बड़े कुख्यातों के घर की कुर्की और ध्वस्तीकरण के बाद अब बदन सिंह बद्दो की बारी आ गई है। पुलिस ने शनिवार को बदन सिंह बद्दो के घर की कुर्की की कार्रवाई की। इससे पहले शहर के सभी थानों की पुलिस फोर्स को टीपीनगर बुलाया गया। जहां से पुलिस शहर के पंजाबीपुरा में बद्दो के घर की कुर्की के लिए रवाना हुई। गौरतलब है कि फरार बदन सिंह बद्दो की तलाश में पुलिस काफी समय से जुटी है।

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पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो ने कई राज्यों की पुलिस को चुनौती दे रखी है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2010 में कालकाजी दिल्ली में चर्चित अनूप जुनेजा शूटआउट केस में बदन सिंह बद्दो का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 2012 में एसटीएफ मेरठ के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव ने बद्दो को गिरफ्तार किया था। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद जब बद्दो को लालकुर्ती थाने में लाया गया तो शहर के कई बड़े कारोबारी और सफेदपोशों का थाने में जमावड़ा लग गया था। उस पर डेढ़ लाख रुपए का इनाम था। एक लाख रुपए यूपी पुलिस और 50 हजार रुपए का इनाम दिल्ली पुलिस की तरफ से घोषित था।

नोएडा के कई बड़े कारोबारियों ने भी दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से उस समय शिकायत की थी कि बद्दो ने लगातार अवैध तरीके से संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। बद्दो जेल गया तो उस पर फिर से साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगा। मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार बद्दो मार्च 2019 को एक होटल से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश है, लेकिन बददो आज तक पुलिस के हाथ नहीं आया। शनिवार को हुई कुर्की की कार्रवाई के बाद बदन सिंह पर पुलिस का शिकंजा और तेजी से कस गया है। माना जा रहा है कि इससे बदन सिंह पर दबाव बनेगा।

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