
जिस इलाके में हेलमेट आैर कार की सीट बेल्ट के बिना नहीं घुसने नहीं दिया जाता, वहां फेंका हैंड ग्रेनेड आैर की फायरिंग!
मेरठ। वह इलाका जिसे वेस्ट यूपी में सबसे महफूज माना जाता है। इस इलाके की सड़कों पर आप बिना हेलमेट दुपहिया वाहन लेकर घुस नहीं सकते। आप यदि कार लेकर इस इलाके में आते हैं तो सीट बेल्ट लगार्इ कि नहीं यह चेक किया जाता है। आर्मी पुलिस आैर स्थानीय पुलिस का जिस इलाके में हर वक्त पहरा हो, उस मेरठ कैंट इलाके में भाजपा सरधना विधायक संगीत सोम की कोठी पर रात को करीब पौन बजे हैंड ग्रेनेड फेंका जाता है आैर पांच राउंड फायरिंग कर दी जाती है। बुधवार की रात हुर्इ इस घटना से सुरक्षा के तमाम दावों पर सवाल उठ रहे हैं। हर कोर्इ बस यही कह रहा है कि क्या कैंट क्षेत्र में भी बदमाश एेसा कर सकते हैं या फिर आतंकियों ने यहां अपना कोर्इ टारगेट फिक्स किया है।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम का मेरठ कैंट के तोपखाना क्षेत्र में आवास है। जब वह शहर में होते हैं तो यहीं रहते हैं। कैंट क्षेत्र में संगीत सोम की कोठी भी उस स्थान पर है, जिसे अति सुरक्षित आैर अति संवेदनशील माना जाता है। सेना का एम्युनिशन भंडार भी ज्यादा दूर नहीं है। यही वजह थी कि करीब चार साल पहले तत्कालीन पश्चिम उत्तर प्रदेश सब-एरिया कमांडर मेजर जनरल वीके यादव ने कैंट को असुरक्षित बताते हुए कैंट की सीमा को दीवार आैर गेट लगा कर बंद कर दिया था। खासतौर पर तोपखाना क्षेत्र को वह ज्यादा सुरक्षा देना चाहते थे आैर मेजर जनरल यादव ने किया भी वही। यहां हार्इ सिक्योरिटी सेना आैर पुलिस की भी रहती है। बुधवार की रात विधायक संगीत सोम की कोठी पर तीन अज्ञात लोगों द्वारा कार से उनके आवास तक पहुंचना आैर हैंड ग्रेनेड फेंककर फायरिंग करके भाग जाने से सिक्याेरिटी एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ। एसएसपी अखिलेश कुमार आैर एसपी सिटी बुधवार की रात तक जांच आैर पूछताछ में जुटे रहे। विधायक की सिक्याेरिटी में सीआरपीएफ के सात जवान भी लगे हैं, तो दिल्ली से सीआरपीएफ के कमांडेंट आैर डिप्टी कमांडेंट विधायक संगीत सोम के आवास पहुंचे। उन्होंने भी अपने जवानों से पूछताछ की आैर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
ये भी जुटे हैं जांच में
एसएसपी ने विधायक की कोठी पर हैंड ग्रेनेड फेंकने आैर फायरिंग मामले में छह पुलिस टीमें लगार्इ हैं, साथ ही एसटीएफ की टीमें भी इस घटना को खंगालने में जुट गर्इ हैं। फोरेंसिक टीम, खुफिया एजेंसियां भी इस घटना को अंजाम देने वाले तीनों अज्ञात लोगों की गिरफ्तार करने के लिए लगी हैं। एसएसपी अखिलेश कुमार खुद इस मामले को लेकर लीड कर रहे हैं। उन्होंने विधायक संगीम सोम की सुरक्षा में लगे पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें वह पुलिसकर्मी भी शामिल है, जो कोठी पर हमले के समय गेट के बराबर की कोठरी में तैनात था आैर हमलावरों पर जवाबी फायर नहीं कर पाया था। इनमें चार अन्य पुलिसकर्मी बुधवार को ड्यूटी पर एब्सेंट थे। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगार्इ गर्इ हैं। घटना से जुड़े बिन्दुआें की गहनता से जांच की जा रही है।
Published on:
27 Sep 2018, 3:16 PM IST
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