
मेरठ। लॉकडाउन के दौरान सूखे पड़े सीवर के भीतर से एक नवजात के रोने की आवाज सुनकर लोग वहां पर रूक गए। सीवर के भीतर झांककर देखा तो एक नवजात बच्ची ईट-पत्थरों के बीच पड़ी रो रही थी। बच्ची के रोने की आवाज सभी सुन रहे थे। लेकिन उसको निकालने की हिम्मत किसी में नहीं हो रही थी। वजह थी कोरोना। इसी बीच एक महिला ने हिम्मत दिखाई और बच्ची को सीवर से निकाला और बच्ची को अपने आंचल में छिपा लिया।
दरअसल, गढ़ रोड पर भोपाल विहार के पास एक सूखा हुआ सीवर है। यहां नई कॉलोनी निर्माणाधीन है, इसीलिए रास्ते पर ज्यादा चहल पहल भी नहीं रहती। इसी का फायदा उठाकर शुक्रवार सुबह किसी अज्ञात ने सीवर में नवजात बच्ची को मरने के लिए फेंक दिया। इसके बाद वहां से गुजरने वाले लोगों ने बच्ची की आवाज सुनी और रुक गए। वहीं एक महिला ने उसे सीवर से बाहर निकाला।
महिला का बच्ची की दुर्दशा देख जी भर आया। उसने तुरंत बच्ची को अपने आंचल में लपेट लिया और उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिशु की शिनाख्त करने की कोशिश की। साथ ही लोगों से पूछताछ कर इस जघन्य अपराध करने वालों की खोजबीन शुरू की। पुलिस का कहना है फिलहाल जांच की जा रही है।
Updated on:
6 Jun 2020, 11:24 AM IST
Published on:
6 Jun 2020, 11:21 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.