
सपा के विभाजन पर बोले भाजपा नेता, जो समाजवाद अपना घर नहीं संभाल सकता, वह क्या संभालेगा देश और प्रदेश
मेरठ। सपा के दिग्गज नेता शिवपाल यादव की ओर से नई पार्टी बनाने की घोषणा के बाद से उप्र के सियासी हलकों में खलबली मची हुई है। चचा शिवपाल के पार्टी से अलग होकर एक नया मोर्चा बनाए जाने से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसको भाजपा की साजिश करार दिया था। अखिलेश यादव ने लखनऊ में बुधवार को एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा था कि यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है। अखिलेश ने कहा था कि शिवपाल यादव भाजपा के इशारे पर यह काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे समाजवादी पार्टी पर कोइ असर नहीं पडे़गा। उनके इस बयान पर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अखिलेश पर करारा हमला किया है। अखिलेश के बयान पर कांउटर प्रश्न दागते हुए वाजपेयी ने पूछा है कि उस दिन अखिलेश कहां थे, जब उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने पीड़ा व्यक्त की थी कि उनका सम्मान नहीं हो रहा है। शायद उनका सम्मान उनके मरने के बाद होगा। वाजपेयी ने कहा कि अखिलेश भाजपा पर दोषारोपण करने के बजाए पहले उपरोक्त बातों का जवाब दें।
पूर्व मंत्री और विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि अखिलेश को अपने पर ही अविश्वास है। उनके पिता ने जो पीड़ा व्यक्त की उसके बारे में भी क्या भाजपा ही दोषी है। अखिलेश भाजपा पर जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि भाजपा तोड़ने का नहीं, जोड़ने का काम करती है। भाजपा में आज भी बड़ों का सम्मान होता है, इज्जत होती है। भाजपा में समाजवादी पार्टी की तरह नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिस समय चाचा के साथ पार्टी के भीतर भेदभाव किया जा रहा था, क्या वह भी अखिलेश से भाजपा ही करवा रही थी? अखिलेश इसका भी जवाब दें। सपा के दो फाड़ होने पर तंज कसते हुए वाजपेयी ने कहा कि घर का आदमी निकल जाता है और घर में रहने वाले लड़के को पता ही नहीं चलता। यह कैसा समाजवाद है। जो समाजवाद अपना घर नहीं संभाल सकता वह देश और प्रदेश क्या संभालेगा।
Published on:
30 Aug 2018, 6:12 PM IST
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