
दरोगा से भिड़े सत्ता के नशे में चूर भाजपाई, वर्दी नोचने का भी प्रयास, जानिये फिर क्या हुआ
मेरठ. सत्ता की हनक अब भाजपाइयों के सिर चढ़कर बोलने लगी है। जबकि पार्टी हाईकमान यह कहते नहीं थक रहा है कि भाजपा अनुशासित पार्टी है और उसके कार्यकर्ता अपनी ही सरकार में बड़े अनुशासित तरीके से रह रहे हैं, लेकिन मेरठ में भाजपा का अनुशासन दरोगा और पार्षद प्रकरण में सामने आ चुका है, जिसमें भाजपा पार्षद ने दरोगा को कई थप्पड़ रसीद कर दिए थे। उस मामले को अभी एक महीना भी नहीं बीता कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस के दरोगा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और उसकी वर्दी तक नोचने का प्रयास किया। बेबस दरोगा चुप रहा और वह कुछ नहीं कर सका। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने पर मामले में चुप्पी साध ली गई।
यातायात माह के चलते जहां मेरठ पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरत रही है। वहीं यह सख्ती पुलिस के लिए रोज नए बखेड़े भी खड़े कर रही है। ऐसा ही एक मामला कंकरखेड़ा क्षेत्र में सामने आया है। जहां पर भाजपा नेता और कार्यकर्ता ट्रैफिक पुलिस के एक दरोगा पर अवैध वसूली का आरोप लगा ट्रैफिक बूथ पर हंगामा करने लगे। बताया जाता है कि नियम तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने एक वाहन का चालान काटा तो वाहन चालक के समर्थन में दर्जनों भाजपाइयाें ने ट्रैफिक बूथ को घेर लिया।
भाजपाइयों ने बूथ में मौजूद दरोगा को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए उस पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। वहीं भाजपाइयों के सामने बेबस ट्रैफिक पुलिस का दरोगा बार-बार भाजपाइयों को सरकारी कार्य में बाधा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी देता रहा, लेकिन सत्ता के नशे में चूर भाजपाई एक बार फिर बेलगाम नजर आए। इतना ही नहीं इस दौरान भाजपाइयों ने दरोगा की वर्दी तक नोचने का प्रयास किया। अब देखना यह है कि आखिर अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। इस बारे में एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी से बात की गई तो उनका कहना था कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसका पता लगवाया जाएगा। उसके बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
12 Nov 2018, 10:08 AM IST
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