मेरठ। तीन राज्यों राजस्थान, मप्र और छत्तीसगढ़ में हार का मुंह देखने के बाद भाजपा के तेवर कुछ हद तक ठंडें पड़े हैं, लेकिन पार्टी के विधायकों पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। 2019 से पहले देश में कांग्रेस का नामोनिशां मिटाने का दावा करने वाले भाजपाई तीन राज्यों के हाथ से निकल जाने के बाद भी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।