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बुलंदशहर बवाल के बाद बसपा के पूर्व विधायक और सांसद की मीट फैक्ट्रियों पर छापे से मचा हड़कंप

जिला प्रशासन की आेर से कर्इ टीमें गठित, रोजाना चलेगा यह अभियान
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 9 Dec 2018, 11:13 AM IST

meerut

बुलंदशहर बवाल के बाद बसपा के पूर्व विधायक और पूर्व सांसद की मीट फैक्ट्रियों पर छापे से मचा हड़कंप

मेरठ। बुलंदशहर में गोकशी को लेकर हुए बवाल के बाद सरकार ने गोकशी और अवैध पशु कटान के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ दिया है। पश्चिम उप्र में चल रहे स्लाटर हाउस और मीट फैक्ट्री पर सरकार की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। जिस मीट प्लांट और फैक्ट्री में घुसने की हिम्मत पुलिस-प्रशासन दशकों से नहीं कर पाया था। प्रदूषण विभाग भी इन मीट प्लान्टों और मीट फैक्ट्री पर छापे के नाम पर खानापूर्ति कर लिया करता था। उन पर पुलिस के लाव-लश्कर के साथ प्रशानिक अधिकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ ही मीट प्लांट को जांचने वाली टीम पहुंची। बताते चलें कि शासन की ओर से सभी जिलों के डीएम और एसएसपी को निर्देशित किया गया है।

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सरकार की नजरें खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हापुड, बागपत, मुरादाबाद, सहारनपुर आदि पर पर टेढ़ी हुई हैं। शनिवार को शासन के निर्देश पर जिले में प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ हापुड़ रोड स्थित कई मीट प्लांटों पर छापेमारी की। पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी और पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक के मीट प्लांटों पर भी पहुंची और जांच की। जांच के दौरान दोनों ही नेताओं के प्लांटों पर खामियां ही खामियां मिली। सरकार की सख्ती के बाद डीएम ने मीट प्लांट और स्लाटर हाउस की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं।

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शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक टीम पूर्व मंत्री हाजी याकूब के मीट प्लांट अल फहीम और पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के मीट प्लांट अल साकिब में जांच के लिए पहुंची। टीम ने दस्तावेज खंगाले और जांच की। टीम अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। वहीं, बताया जा रहा है कि अन्य सभी मीट प्लांट और मीट फैक्ट्रियों के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। रविवार को भी प्रशासन और पुलिस प्रदूषण विभाग के अधिकारियों सहित सभी की जांच करेंगी। सिटी मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि जांच की कार्रवाई अभी तो शुरू हुई है, यह अभी जारी रहेगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक फैक्ट्री सील रहेगी।