सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा 22 दिसंबर को बसपा में शामिल की गर्इ थी। उनके शामिल हाेने से पहले ही बसपा में विरोध शुरू हो गया था, क्योंकि रुचि वीरा बसपा में इस शर्त पर शामिल हो रही थी कि वह बिजनाैर लोक सभा सीट से बसपा से उम्मीदवार बनना चाह रही थी। सपा-बसपा गठबंधन के बाद बिजनौर सीट बसपा के खाते में आ रही है। इस स्थिति को भांपते हुए सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा ने बसपा ज्वाइन की थी। उनका विरोध बसपा के पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार आैर मुरादाबाद मंडल के मुख्य जोन प्रभारी जितेंद्र सागर ने किया था। इसके पीछे वजह यह थी कि पार्टी के पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार भी बिजनौर से लोक सभा चुनाव में उम्मीदवार बनना चाह रहे थे। मायावती ने दोनों को अनुशासनहीनता वजह बताते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद सपा विधायक रुचि वीरा को बसपा में शामिल किया था। निष्कासित बसपा के दोनों नेताआें ने जो आरोप लगाए थे, पार्टी हार्इकमान उन पर निगरानी रख रहा था। यही वजह है कि रुचि वीरा को अब पार्टी की बिजनौर लोक सभा प्रभारी पद से हटाने का निर्णय लिया गया।