31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मैं माेनू जाट, सेठ मुझे 20 पेटी की जरूरत आन पड़ी है, पुलिस को मत बताना, नहीं तो…

कारोबारी को लिफाफे में जिंदा कारतूस भेजकर 20 लाख की मांगी रंगदारी  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मेरठ

•

image

Sanjay Kumar Sharma

•

Updated: 6 May 2018, 4:55 PM IST

meerut

मेरठ। योगी सरकार के राज में भले ही पुलिस एनकाउंटर करके रिकार्ड दर रिकार्ड बना रही हो, लेकिन बदमाशों में पुलिस का खौफ कम हुआ हो, एेसा दिखता नहीं है। जेल में बंद कुख्यात बदमााश मोनू जाट आैर सुमित जाट के नाम से किठौर के कारोबारी के पास एक चिट्ठी पहुंची है। इस चिट्ठी के साथ 315 बोर का कारतूस भी मिला है। इससे कारोबारी के परिवार में दहशत है। चिट्ठी में पुलिस को कुछ भी नहीं बताने के लिए आगाह भी किया गया है। कारोबारी ने किठौर पुलिस को इसकी सूचना दी आैर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है, लेकिन कारोबारी आैर व्यापारियों में दहशत है।

यह भी पढ़ेंः 100 करोड़ के कर्जदार की सम्पत्ति की नीलामी इतने में हुर्इ कि किसी का भी कर्जा नहीं उतर सकता!

यह भी पढ़ेंः हत्या करने के बाद छुपने जा रहे थे, योगी की पुलिस ने धर दबोचा

कारोबारी को एेसे मिली यह चिट्ठी

किठौर के हसनपुर निवासी विपिन आैर अंकित कंसल का कंसल ट्रेडर्स व कंसल टैंट हाउस के नाम से व्यवसाय है। वे परिवार केे साथ मेरठ में रहते हैं। बताते हैं कि शनिवार की शाम प्रतिष्ठान पर विपिन के बेटे निकुंज व राेहित बैठे हुए थे। यहां उनका नौकर भी था। बताते हैं कि बाइक पर हेल्मेट व कपड़ा लगाए एक व्यक्ति आया आैर नौकर को एक लिफाफा देते हुए बोला कि अपने मालिक को दे देना। नौकर ने यह लिफाफा निकुंज को दे दिया। जब उसने खोलकर इसे पढ़ा, तो वहां हड़कंप मच गया।

यह भी पढ़ेंःबीएसएनएल ने अपने ग्राहकों के लिए शुरू की यह सुविधा

'लाल कपड़ा लगाकर रखना'

दरअसल, इस लिफाफे में एक चिट्ठी थी आैर इसके साथ 315 बोर का जिंदा कारतूस भी था। चिट्ठी में लिखा था- मैं मोनू जाट, सेठ मुझे 20 पेटी की जरूरत आन पड़ी है, पुलिस को मत बताना, पुलिस हर समय साथ नहीं रहती, नहीं तो तेरे दोनों बेटों का काम खत्म हो जाएगा। तेेरे पास दिन का समय है। पैसा गांव के बाहर एक प्लाॅट के पास गड्ढे में रखने की बात इस चिट्ठी में लिखी है। साथ ही दुकान के बाहर लाल कपड़ा लगाने की बात कही गर्इ, जिससे वे समझ जाएं कि पैसा मिल जाएगा। इस चिट्ठी के मिलने के बाद कारोबारी परिवार के लोग दहशत में हैं। अन्य व्यापारियों के साथ उन्होंने किठौर पुलिस को इसकी सूचना दी। एसआे किठौर इसकी जांच कर रहे हैं।

यह भी पढ़ेंः छह मई 1857 को लिख गई थी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पटकथा

कुख्यात माेनू आैर सुमित जाट जेल में बंद

वेस्ट यूपी में हत्या, लूट व रंगदारी मामले में कुख्यात मोनू आैर सुमित जाट इस समय जेल में है। इन दोनों के नाम से पहुंची चिट्ठी के बाद से व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया है। मोनू आैर सुमित जाट वही है, जिनका नाम हत्या के गवाहों का एेलानिया कत्ल में आ रहा था। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है आैर जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचेगी।

यह भी पढ़ेंः आर्इपीएल में सट्टा लगा रहे थे 100 रर्इसजादे, दिल्ली की काॅल्स पर करोड़ों का खेल एेसे होता था

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश