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रसगुल्ला खाकर वोट दिया तो खराब हो सकती है किडनी, ये है वजह

कम पैसे में ज्यादा मिठाई खरीदने के चक्कर में निकाय चुनाव के प्रत्याशी खरीद रहे हैं सिंथैटिक मिठाइयां  
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 20 Nov 2017, 3:41 PM IST

Synthetic rosogulla

मेरठ. पहले दीपावली और अब निकाय चुनाव। मौका कोई भी हो मिलावटखोर अपने व्यापार का बहाना तलाश ही लेते हैं। निकाय चुनाव नजदीक आते ही मिलावटी मिठाइयों का बाजार सज गया है। चुनाव में मिठाई की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सिंथैटिक मिठाई बनाने की भट्टियां चढ़ गई है। मेरठ के मवाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर, डाहर और सरधना कस्बे के कई गांवों में सिंथैटिक मिठाई बनाई जा रही है। चुनावी मौसम में इन गांवों में रात-दिन सिंथैटिक मिठाई की भट्ठियां चल रही हैं। मेरठ जनपद के कई गांव सिंथैटिक मिठाई बनाने के लिए काफी चर्चित रहे हैं। ये गांव डाहर, जसड, सुल्तानपुर और जैनपुर हैं। इसके अलावा सरधना क्षेत्र के कुछ गांव हैं। यहां की बनीं मिठाई पूरे मेरठ जिले मे सप्लाई की जा रही है। इतना ही नहीं यहां की बनी हुई सिंथैटिक मिठाई अन्य राज्यों को को भी सप्लाई होती है। वहीं, जानकार इसे सेहत के लिए खतरनाक बता रहे हैं। उनकी माने तो इस तरह की मिठाइयां ज्यादा खाने से लीवर और किटनी भी कराब हो सकती है, क्योंकि जिस दूध या मावे से इन मीठाइयों का निर्माण किया जा रहा है। उसे यूरिया और अन्य केमिकल की मदद से तैयार किया जाता है।

दरअसल, निकाय चुनाव को देखते हुए इन गांवों में चल रहे मिठाई बनाने वालों को खूब ऑर्डर मिल रहे हैं, जिसके चलते सिंथैटिक मिठाई बनाने वालों की चांदी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, सर्वाधिक मिठाई का ऑर्डर वॉर्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों की ओर से आ रहे हैं। इन ऑर्डर में सफेद रसगुल्लों की डिमांड अधिक है। कुछ प्रत्याशी बर्फी, सोनपापड़ी और मिल्ककेक की भी डिमांड कर रहे हैं। वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशी प्लास्टिक के पारदर्शी डिब्बो में पैक कर अपने चुनाव चिन्ह की पंपलेट के साथ मतदाताओं को बांट रहे हैं। मिठाई का ऑर्डर देने वालों में चेयरमैन और सभासद के प्रत्याशी भी हैं। नगर पालिका, नगर पंचायतों पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने आर्डर दिया हुआ है।

बाजार से अधिक सस्ता
बाजार में आमतौर पर सफेद रसगुल्ला 300 से 400 रूपये किग्रा तक हैं। लेकिन, यहां ये सिंथैटिक रसगुल्ले की कीमत मात्र 80 रूपये किग्रा है।

दूसरे जिलों से मिल रहा ऑर्डर
इन गांवों में सिंथैटिक मिठाई बनाने वालों को गाजियाबाद, मुजफफरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मुरादाबाद, शामली हापुड़, मुरादाबाद, बुलंदशहर आदि जगहों से ऑर्डर मिल रहे हैं।

रसगुल्ल बांटे जाने पर केस दर्ज
अभी कुछ दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान बसपा प्रत्याशी द्वारा रसगुल्ले बांटे जाने पर केस दर्ज किया जा चुका है। एसओ गंगानगर आशुतोष कुमार ने बताया कि मिठाई का सेंपल फूड इंस्पेक्टर से करवा दिया गया है। जांच के बाद सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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