
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम पर दो लाख की ठगी, कप्तान ने दिए जांच के आदेश
उप्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सड़क हादसे के बाद मिली मुआवजे की रकम को लेकर दर्ज मुकदमे में समझौता कराने के नाम पर यह रकम ठगी गई। इस मामले का खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ। इसके बाद पीड़ित ने मेरठ के कप्तान को लिखित शिकायत दी है। प्रकरण में अब कप्तान ने जांच के आदेश कर दिए हैं। थाना रोहटा के कस्बा निवासी गुलफाम ने कप्तान रोहित सिंह सजवाण को की गई शिकायत में बताया है कि उनके भाई इमरान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद इमरान की पत्नी परवीन का निकाह देवर रिजवान से करा दिया था।
मुआवजे की रकम को लेकर परवीन का पूरे परिवार से विवाद चल रहा है। बताया कि परवीन ने पुलिस को कई तरह के आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिए थे। गुलफाम ने बताया कि भाई की ससुराल पक्ष ने एक परिचित गुलफाम के माध्यम से 22 अक्टूबर 2021 को व्हाट्सएप मैसेज भेजा था। जिसमें प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का लेटर पैड था। जिसमें रिजवान और उसके परिजनों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए एडीजी मेरठ जोन को निर्देशित किया था। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से फोन कर ब्लैकमेल किया और कहा कि मुकदमे से बचना है तो समझौता कर लो। इसके अलावा धमकी भी दी गई। वहीं पुलिस से उठवाने की बात कही गई।
आरोप है कि लिसाड़ी गेट थाना अंतगर्त खुशहालनगर कॉलोनी में गुलफाम पुत्र निजामुद्दीन के घर पर दो लाख रुपये दिए गए थे। हालांकि बाद में छानबीन की गई तो खुलासा हुआ कि स्वामी प्रसाद मौर्य का जो लेटरपैड दिखाया गया वह फर्जी था। इस संबंध में एडीजी कार्यालय और श्रम एवं सेवायोजन विभाग से आरटीआई में जवाब मांगा गया था। जिसके बाद लेटरपैड के फर्जी होने का खुलासा हुआ है। इस मामले में सीओ कोतवाली को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सीओ कोतवाली मेरठ अरविंद कुशवाहा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
22 Sep 2022, 2:09 PM IST
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