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Christmas Day 2018: क्रिसमस ट्री को घर लाकर करेंगे ये काम तो मिलेगी नायाब कामयाबी, देखें वीडियाे

Cristmas Tree से घर के वास्तुदोष होते हैं दूर
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 21 Dec 2018, 3:57 PM IST

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Christmas Day 2018: क्रिसमस ट्री को घर लाकर करेंगे ये काम तो मिलेगी नायाब कामयाबी, देखें वीडियाे

मेरठ। 25 दिसंबर प्रभु यीशु का जन्मदिन। इस दिन की तैयारियां बाजार में जोर-शोर से चल रही हैं, इस दिन को लेकर सबसे अहम होता है वह है क्रिसमस ट्री। 25 दिसंबर जेहन में आते ही जो तस्वीर सबसे पहले दिन दिमाग में उभरती है वह है क्रिसमस ट्री। इस दिन क्रिसमस ट्री को घर में क्याें लाते हैं और इसको घर में रखने के क्या लाभ है। सेंट जाेन्स चर्च के पादरी डेनियल बोरिस के अनुसार यह होली ट्री प्रभु का दुनिया के लिए सबसे नायाब तोहफा है।

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घर का वास्तु दोष दूर करता है क्रिसमस ट्री

डेनियल के अनुसार ज्यादा से ज्यादा लोग प्लास्टिक का क्रिसमस ट्री का उपयोग करते हैं, पर यदि आप इसकी जगह प्राकृतिक क्रिसमस ट्री का इस्तेमाल करेंगे तो ये आपके लिये ज्यादा शुभ होगा। प्राकृतिक क्रिसमस ट्री में वे गुण होते हैं, जो आपके घर के वास्तु दोष को दूर करते हैं।

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नकारात्मक उर्जा जाती है बाहर

अधिकतर लोग क्रिसमस के दिन क्रिसमस ट्री पर मोमबत्ती लगाकर उसको अच्छे से सजाते हैं। मोमबत्ती का घर में लगाना शुभ माना जाता है। यदि आप सुगन्धित मोमबत्ती का इस्तेमाल करोंगे तो आपके घर से नकारात्मक उर्जा बाहर चली जाएगी।

बुरी आत्माएं दूर भागती हैं

बहुत सारे लोग क्रिसमस पर रिबन, गिफ्ट और लाइटें लगाकर इसको अच्छे से सजाते हैं तो कुछ लोग ट्री पर घंटी भी टांगते हैं। फेंगसुई के अनुसार घंटी की आवाज बहुत ही असरदार होती है और इससे बुरी आत्मा और नेगेटिव एनर्जी दूर भागती है।

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घर में नहीं होती धन की कमी

ट्री पर एक लाल रंग में बंधे तीन सिक्के लटकने से घर में धन की कमी नहीं रहती है और घर में धन की बरकत होती है। सदाबहार क्रिसमस पेड़ सर्दियों के बीच में जीवन का एक प्राचीन प्रतीक है।

एक हजार साल पुराना इतिहास

हालांकि इस पेड़ का सबसे पहले इस्तेमाल कब किया गया था। इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि लगभग 1000 साल पहले उत्तरी यूरोप में इसकी शुरुआत हुई थी। यह माना जाता है कि शुरुआती क्रिसमस ट्री छतरियों में झूमर या रोशनी के हुक से उल्टा लटकाए जाते थे। रोमन लोग सर्दियों में सदाबहार शाखाओं को अपने घरों को सजाने के लिए इस्तेमाल करते थे। उत्तरी यूरोप ने सदाबहार पेड़ों को काटा और क्रिसमस के समय के दौरान उन्हें अपने घरों के अंदर बक्से में लगाया। एक दूसरी मान्यता के अनुसार, जब यीशु मसीह का जन्म हुआ था, तब बहुत तेज सर्दी थी और बर्फबारी की वजह से दुनिया भर के पेड़ों पर से पत्तियां गिर गई और इन पेड़ों ने नई हरी पत्तियों का उत्पादन किया।

इसलिए सजाया जाता है क्रिसमस ट्री

क्रिसमस के पेड़ को सजाने की शुरुआत उस समय से हुई जब लोग सर्दी के पेड़ों को सजाने के लिए इस्तेमाल करते थे जिनके पत्ते नहीं होते थे। उनका मानना था कि जब इन पेड़ों से पत्तियां गिर जाती थी, तब पेड़ की आत्मा उसे छोड़ देती थी। इसलिए लोगों ने क्रिसमस ट्री को गहने के साथ सजाने और पवित्र आत्माओं को आकर्षित करने के लिए इसे सुंदर दिखाने का फैसला किया। बाजार में इन दिनों हर प्रकार के क्रिसमस ट्री हैं। इन दिनों बाजार में 150 रूपये से लेकर 1500 रूपये तक के क्रिसमस ट्री है।