
न्यायालय ने बीयू को नोटिस जारी किया
Court sentenced accused of rape in Meerut पॉक्सो एक्ट के आरोपी को पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी किए जाने पर न्यायालय द्वारा सात वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गय। न्यायालय ने दुष्कर्म के सिद्धदोष अभियुक्त को तुरंत ही हिरासत में लेने के आदेश दिए। न्यायालय में यह फैसला चार साल के भीतर आया गया। पीडित परिजनों ने इस फैसले को इंसाफ की जीत बताया है। दिनांक 15 मार्च 2018 को वादी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने व बलात्कार करने के सम्बन्ध में पोक्सो एक्ट थाना सरूरपुर मेरठ पर पंजीकृत कराया गया था।
अभियोग की विवेचना से अभियुक्त आकाश पुत्र प्रवीन नि0 ग्राम पांचली बुजुर्ग थाना सरूरपुर के विरूद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ द्वारा जनपद के समस्त थानों को पैरवी हेतु अभियोग चिन्हित कर निर्देशित किया गया। थाना सरूरपुर से पैरवी हेतु इस मुकदमे केा चिन्हित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के निर्देशन में व पुलिस अधीक्षक, अपराध के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक, सरूरपुर मेरठ समर बहादुर सिंह व आरक्षी पैरोकार ब्रिजेश के द्वारा न्यायालय में अभियोग की लगातर पैरवी करते हुए साक्षियों को न्यायालय के समक्ष समय से प्रस्तुत किया गया।
जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त आकाश पुत्र प्रवीन नि0 ग्राम पांचली बुजुर्ग थाना सरूरपुर मेरठ के विरूद्ध धारा 376 भादवि का अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय पोक्सो-3 मेरठ द्वारा अभियुक्त आकाश पुत्र प्रवीन नि0 ग्राम पांचली बुजुर्ग थाना सरूरपुर मेरठ को सात वर्ष के कारावास व 10,000/-रू के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
Published on:
14 Sep 2022, 3:24 PM IST
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