उन्होेंने पोहल्ली का मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सरधना क्षेत्र में आने वाले इस गांव में दलितों के पट्टे की जमीन पर कब्जे हुए हैं। इसके लिए हमने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे ही कनकपुर मोदीनगर का मामला है जिसमें 1978 में दलितों को 200 बीघा जमीन का पट्टा मिला था। जब से लेकर अब तक दलित जमीन को बोते आ रहे थे, लेकिन अब वर्तमान प्रधान दबंगई से छीनना चाहता है और वहां पर बोर्ड लगवा दिया है। इस तरह से दलितों के खिलाफ साजिश हो रही है।