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अनोखी मिसाल : पिता की तेरहवीं पर भाइयों ने विवाहित बहन के सिर बांधी पगड़ी, बनाया घर का मुखिया

पितृ पक्ष में तीन भाइयों ने बहन को घर का मुखिया बनाकर पेश की अनोखी मिसाल, रीति-रिवाज किए दरकिनार।

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मेरठ

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lokesh verma

Sep 21, 2021

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मेरठ. घर में किसी बड़े की मृत्यु के बाद रस्म पगड़ी कार्यक्रम में पुरुष के सिर पर पगड़ी बांधी जाती है। पितृ पक्ष के दौरान रस्म पगड़ी पर मेरठ के एक परिवार ने अनोखी मिसाल पेश की है। इस परिवार के तीन भाइयों ने अपने पिता की मृत्यु के बाद तेरहवीं के दिन रस्म पगड़ी में अपनी विवाहिता बहन के सिर पर बांधकर समाज को बड़ा संदेश देने का काम किया है। तीनों भाइयों ने विवाहिता बहन को अपने घर की मुखिया बना दिया है। कार्यक्रम में मौजूद परिवार और रिश्तेदारों ने तीनों भाइयों के इस काम की प्रशंसा की है। यह कार्यक्रम पितृपक्ष के पहले दिन यानी पूर्णिमा श्राद्ध वाले दिन हुआ। पिता की मृत्यु के बाद भाइयों ने घर की विवाहित बेटी को ही अपने घर का मुखिया बना दिया।

बता दें कि जिस बहन के सिर पर पगड़ी बंधी उसका नाम उर्वशी चौधरी है। उर्वशी मेरठ की जानी मानी हस्ती हैं। वे समाजसेविका और अधिवक्ता हैं। वहीं, उनकी छोटी बहने ऐश्वर्या प्रधानाचार्य के तौर पर कार्यरत हैं। उनके तीन छोटे भाई विकास, वरुण और विवेक शिक्षक हैं। गांव पथौली सरूरपुर और इस वक्त मेरठ में रहने वाले शिक्षक और किसान हरेंद्र सिंह के निधन के बाद घर के मुखिया का चुनाव होने वाला था। ऐसे में उम्मीद थी कि हरेंद्र के तीनों बेटों में से किसी एक को पिता के बाद जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन, उस वक्त सभी लोग हैरान रह गए, जब पूरे परिवार ने उर्वशी को घर का मुखिया घोषित करते हुए उसके सिर पर पगड़ी बांधी। परिजनों की इस प्रतिक्रिया से सभी हैरान रह गए।

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इस पूरे मामले को लेकर पारिवारिक मित्र और लेखक ओमवीर तोमर ने बताया कि हरेंद्र सिंह और उनके पिता बेगराज सिंह के बीच अच्छी और गहरी दोस्ती थी। दोनों आपातकाल के वक्त जेल में भी साथ रहे। हरेंद्र सिंह का परिवार बेटा या फिर बेटी में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा कि बेटी के बारे में ऐसी सोच पूरे समाज को रखनी चाहिए। इससे बेटा-बेटी के बीच असमानता का भेद दूर होगा।

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