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यूपी के इस शहर में मिले डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली, बचाव के लिए ये करें

डेंगू के चार मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 6 Aug 2018, 6:50 PM IST

meerut

यूपी के इस शहर में मिले डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली

मेरठ। बरसात के मौसम में तरह-तरह की बीमारी अपने पैर पसारती है। चिकित्सकों के पास मरीजों की भीड़ जुटी रहती है। यही एक ऐसा मौसम ऐसा होता है जिसमें मानव शरीर सर्वाधिक बीमारी का शिकार होता है। बरसात में सभी प्रकार की बीमारी के बैक्टीरियां वातावरण में फैलते रहते हैं। अगर हम थोड़ा भी असावधान हुए तो यह बैक्टीरिया हमको अपनी चपेट में ले लेता है। ऐसे ही मच्छर भी सर्वाधिक बरसात में पनपते हैं। जिनके काटने से कई तरह की बीमारी हो जाती है। इन्हीं में से एक बीमारी है डेंगू। इसका इलाज समय पर न हो तो यह व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित होता है। डेंगू एडीज मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में काटता हैं। जब कोई एडीज मच्छर किसी डेंगू के रोगी को काटने के बाद दूसरे अन्य स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो वह डेंगू वायरस को उस व्यक्ति के भीतर प्रवेश कर देता है। डेंगू उन व्यक्तियों को जल्दी प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बरसात के मौसम में मेरठ में अभी तक डेंगू के चार मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गर्इ है। सीएमआे डा. राजकुमार का कहना है कि डेंगू को लेकर विभागीय चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। इनके लक्षण दिखने वाले मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करने के लिए कहा गया है।

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डेंगू के ये हैं लक्षण

सीएमओ डा. राजकुमार का कहना है कि डेंगू के लक्षण अचानक से बढ़ते हुए तेज बुखार, शरीर में लाल चकत्ते का निकलना, सिर में तेज दर्द, आंखों के पीछे होने वाले दर्द और मांसपेशियाें एवं जोड़ों में होने वाले दर्द से दिखार्इ पड़ते हैं। ऐसे में मितली आना, उल्टी और भूख में कमी आना एक आम बात है।

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गंभीरता से लें तो हल्की बीमारी

आमतौर पर ऐसे बुखार में तीन से चार दिनों के बाद शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगते हैं। अधिकांश डेंगू संक्रमण अपेक्षाकृत हल्की बीमारी में होते हैं, लेकिन कुछ डेंगू के संक्रमण हेमोरेजिक बुखार तब्दील हो जाता है। डेंगू होने पर प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। अगर इनकी संख्या रक्त में 30 हजार से कम हो जाए तो रक्त वाहिकाओं में रिसाव शुरू हो जाता है। जिससे की नाक, मुंह और मसूड़ों से खून बहने लगता है। मच्छर द्वारा काटे जाने के बाद डेंगू के लक्षणों की शुरुआत 4 से 6 दिनों की अवधि के अंदर हो जाती है और इसकी औसत समय अवधि 3 से 14 दिनों की होती है।

दस दिन से एक महीने लग जाते हैं ठीक होने में

सीएमओ डा. राजकुमार के अनुसार डेंगू का बुखार वैसे तो 10 दिन के अंदर ही ठीक हो जाता है, लेकिन यह शरीर को इस तरह से क्षति पहुंचता है, जिसकी पूर्ति के लिए व्यक्ति को स्वस्थ होने में कम से कम महीना भर लग जाता है। डेंगू के इलाज के लिए कोई दवा नहीं है, इससे बचने का एकमात्र सर्वश्रेष्ठ और आसान उपाय मच्छरों से बचना है।

ऐसे करें बचाव के उपाय

- दिन में खुद को मच्छरों से बचाने वाली क्रीम लगाएं

- रात को सोते हुए मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें

- घर के भीतर और आसपास पानी को जमने न दें

- त्वचा और कपड़ों पर मच्छर रेपेल्लेंट्स का उपयोग करें।

- ऐसे मौसम में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना आवश्यक

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