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मेरठ। पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की पिस्टल इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पिस्टल से क्षेत्र के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई और क्षेत्र में दहशत फैलायी गई। बसपा सुप्रीमो मायावती के खास रहे पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के खिलाफ प्रशासन और पुलिस अफसरों द्वारा 12 सितंबर को गुदड़ी बाजार में क्रिकेट में विवाद में अंधाधुंध फायरिंग करने के मामले में कार्रवाई की गई है। इस फायरिंग में पूर्व सांसद का बेटा, भाई और भतीजा नामजद किए गए थे। पुलिस के अनुसार इस फायरिंग में पूर्व सांसद की लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस तभी से इस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने दर्शाया है कि पूर्व सांसद की लाइसेंसी पिस्टल से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। पुलिस की इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम अनिल ढींगरा ने पूर्व सांसद शाहिद अखलाक का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया। प्रशासनिक आदेश के अनुसार पूर्व सांसद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल कोतवाली थाने में जमा कर दी है।
12 सितंबर को गुदड़ी बाजार में मामूली विवाद में पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक, बेटे साकिब और भतीजे यासिर पर जानलेवा हमले का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि शाहिद अखलाक की लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल के निलंबन की रिपोर्ट भेजी थी। पूर्व सांसद पर 1995 से पहले के 15 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही कोतवाली थाने में पूर्व सांसद की हिस्ट्रीशीट भी है। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने बताया कि इंस्पेक्टर कोतवाली को आदेश दिया गया था कि शाहिद अखलाक कोतवाली में अपना लाइसेंस जमा कराएं।
Published on:
27 Sept 2019 10:34 am
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