
मेरठ. खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में के लिए जिले में आगामी 1 अक्टूबर, 2021 से किसानों से सीधे धान क्रय किया जाना प्रस्तावित है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य रू0 1940/- प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है। किसानों को अपना धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण विभागीय पोर्टल www.fcs.up.gov.in पर अनिवार्य रूप से कराना होगा। उक्त वेबसाईड पर कृषक पंजीकरण हेतु लिंक उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी मेरठ प्रमोद सिरोही ने बताया कि किसान पंजीकरण में फसल (धान) हेतु उपयोग की जाने वाली सभी भूमियों का विवरण देना अनिवार्य है। इसके साथ गन्ना एवं अन्य फसल के रकबे को भी दर्ज करना होगा। वर्तमान वर्ष में आधार लिंक मोबाईल नम्बर पर ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए किसान बन्धु पंजीकरण के समय अपने आधार लिंक्ड मोबाईल नम्बर ही अंकित कराये ताकि एसएमएस द्वारा प्रेषित ओटीपी को भरकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
उन्होंने बताया कि किसानों को विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी यथा क्रय, भुगतान आदि आधार लिंक मोबाईल नम्बर पर ही प्राप्त होगा। इस संदर्भ में ऐसे कृषकों जिनके आधार में मोबाईल नम्बर दर्ज नहीं है या उनका मोबाईल नम्बर बदल चुका है उनकी पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण न होने की दशा में उन्हें क्रय केन्द्रों पर धान क्रय करने में कठिनाई हो सकती है।
इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण आधार नामांकन एवं अपडेशन का कार्य विभिन्न रजिस्ट्रांस के माध्यम से कराता है। ऐसे किसान भाई जिनका आधार में मोबाईल नम्बर दर्ज नहीं है या उनका मोबाईल नम्बर बदल चुका है वह भारतीय डाक के निकटवर्ती शाखा में सम्पर्क कर अपना मोबाईल नम्बर अपडेट करा सकते हैं।
क्रय केन्द्रों पर सप्ताह में 4 दिन सोमवार से बृहस्पतिवार तक एक किसान से अधिकतम 50 कु० धान की मात्रा क्रय की जायेगी। शुक्रवार व शनिवार के दिन किसान 50 कु० से अधिक धान खरीद सकेंगे। क्रय केन्द्र पर 01 कार्य दिवस में प्रति कांटा 300 कुन्तल से ज्यादा टोकन नहीं जारी किया जा सकेगा।
किसान अपना टोकन नियत तिथि से दो दिन पूर्व स्वयं निरस्त कर सकता है। निरस्त करने के उपरान्त वह अपना टोकन पुनः जनरेट कर सकेगा किसान द्वारा एक बार टोकन जारी कर लेने के बाद पुनः एक सप्ताह बाद ही अवशेष धान की मात्रा का टोकन जारी किया जा सकेगा।
जिस क्रय तिथि का टोकन है, उस निर्धारित तिथि को किसान का क्रय केन्द्र पर आकर सायं 4.00 बजे तक ई-पॉप डिवाइस पर अंगूठा/अंगुली लगाकर उपस्थिति प्रमाणित की जायेगी। सांय 4.00 बजे तक उपस्थित होने वाले किसानों को छोड़कर शेष अनुपस्थित किसानों का टोकन स्वतः निरस्त हो जायेगा टोकन निरस्त होने पर किसान के मोबाइल नम्बर पर एसएमएस पुनः जायेगा। यदि निर्धारित तिथि पर किसान द्वारा अपना धान न बेचा गया हो या टोकन निरस्त हो गया हो को कृषक बन्धु पुनः ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
BY: KP Tripathi
Published on:
29 Sep 2021, 3:25 PM IST
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