
मेरठ। हापुड़ रोड पर पुराने कमेले के स्थान पर सपा कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित 50 बेड के सरकारी अस्पताल की कार्य योजना वर्तमान समय में नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते अधर में लटक गई है। जिसके चलते सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और वर्तमान शहर विधायक रफीक अंसारी कमिश्नर से मिलने पहुंचे। सपा नेताओं ने कमिश्नर अनिता सी. मेश्राम से मिलकर अधूरा पड़ा अस्पताल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराए जाने की मांग की।
शाहिद मंजूर ने बताया कि सपा कार्यकाल के दौरान करीब साढ़े तीन साल पहले रफीक अंसारी की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हापुड़ रोड स्थित पुराने कमेले की जमीन पर 50 बेड का सरकारी अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। अस्पताल के लिए तत्कालीन सरकार द्वारा साढ़े तीन करोड़ की धनराशि भी आवंटित कर दी गई थी। जिसके बाद अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद अस्पताल का निर्माण कार्य रोक दिया गया। इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों से कई बार बात की गई, लेकिन वह जमीन का किराया तय नहीं कर रहे। जिसके चलते अस्पताल का निर्माण कार्य अधर में लटका है।
विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि क्षेत्र में सरकारी अस्पताल न होने के कारण वहां के रहने वाले गरीब लोग प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कमिश्नर ने जल्द से जल्द नगर निगम के अधिकारियों से बात करके अस्पताल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया है।
Published on:
20 Nov 2019, 2:36 PM IST
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