
मेरठ। दीदी, मैं नौवीं की छात्रा हूं और अपने दो छोटे भाइयों संग स्कूल आती-जाती हूं, लेकिन मेरे मोहल्ले का एक लड़का मेरे साथ छेड़छाड़ करता है। मेरे भाई विरोध करते हैं तो वह उन्हें पीटता है। कंकरखेड़ा पुलिस और लड़के के परिजन आरोपी को कुछ नहीं बोल रहे हैं। आप आरोपी को जेल भिजवा दीजिए, ताकि हम तीनों बहन-भाई पढ़ाई कर सके। जी हां, एक पीड़ित लड़की ने मेरठ एसएसपी मंजिल से यह गुहार लगाई है। वहीं, छात्रा की इस मार्मिक गुहार पर एसएसपी पिघल गईं और थानेदार को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही तीनों बच्चों को अपनी गाड़ी से उनके घर भिजवाया।
न परिवार और न ही पुलिस कर थी मदद
कंकरखेड़ा की रहने वाली नौवीं कक्षा की छात्रा अपने भाइयों के साथ स्कूल आती-जाती है। कुछ महीनों से एक लड़का छात्रा के साथ छेड़छाड़ करता है। पीड़िता ने अपने घरवालों को यह बात बताई तो कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उसके बाद कंकरखेड़ा पुलिस से भी पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया। हालांकि, बाद में एक सिपाही के दबाव में आरोपी ने छात्रा के घर जाकर माफी मांग ली, लेकिन कुछ दिन बाद छेड़छाड़ की हरकतें करने लगा। पुलिस ने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो तीनों बहन भाइयों ने एसएसपी मंजिल सैनी से मिलने का मन बनाया।
दोस्तों से पॉकेट मनी लेकर पहुंचे एसएसपी के पास
किराया नहीं होने के कारण वह अपने घर से नहीं निकल पाए। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपने दोस्तों से पॉकेट मनी ली और किसी तरह अपनी बहन को लेकर रास्ता पूछते-पूछते एसएसपी दफ्तर पहुंच गए। यहां पर संतरी ने उन्हें रोक लिया, लेकिन बहन-भाइयों की जिद थी कि वह एसएसपी से मिलकर ही रहेंगे। कुछ देर बाद उन्हें एसएसपी से मिलवा दिया गया तो तीनों बहन-भाई फफक पड़े और उन्हें अपनी पीड़ा बताई।
तत्काल हो गिरफ्तारी, नहीं तो जाएगी कुर्सी
छात्रा ने कहा कि दीदी वह लड़का बहुत परेशान करता है। हम तीनों बहन-भाइयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। घरवाले और पुलिस कुछ नहीं करती है। करीब 10 मिनट तक रोते-रोते उन्होंने अपनी व्यथा बताई। एसएसपी ने कई बार तीनों को ढांढस बंधाया और चुप किया। इसके बाद उनसे पूछा कि घर कैसे जाओगे तो उन्होंने कहा कि हमारे पास कोई किराया ही नहीं है। एसएसपी ने तत्काल कंकरखेड़ा थानेदार को फटकार लगाई और कहा कि आरोपी लड़के को तुरंत गिरफ्तार किया जाए वरना कुर्सी छीन लूंगी।
अपनी गाड़ी से कप्तान ने भिजवाया घर
एसएसपी ने मातहतों को निर्देश दिए कि उन्हें मेरी गाड़ी में घर छोड़ दिया जाए। इतना ही नहीं एसएसपी ने अपना पर्सनल नंबर भी बहन-भाइयों को दिया और कहा कि यदि कोई भी परेशानी हो तो तत्काल फोन करके बताया जाए। इस संबंध में एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि आरोपी पर कार्रवाई की जा रही।
Updated on:
17 Feb 2018, 10:50 AM IST
Published on:
17 Feb 2018, 10:04 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.