
मुन्ना बजरंगी मर्डरः पोस्टमर्टम में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जानकर रह जाएंगे हैरान
बागपत. मुन्ना बजरंगी मामले में हो रही जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जेल सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक घटना के बाद जेल में जांच कर रहे आगरा के डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी की जांच पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जाता है कि माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की एक बड़ी वजह जेल के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की ड्यूटी के प्रति लापरवाही भी सामने आ रही है। माना जा रहा है कि बागपत जेलकर्मियों और जेल अफसरों की इसी अनदेखी और लापरवाही की वजह से जिला जेल अपराधियों के लिए अय्याशी का अड्डा बन गई था। बताया जाता है कि जांच में पता चला है कि जेल के भीतर पिस्टल के अलावा मोबाइल, चाकू, स्मैक और अन्य सामान भी आसानी से जा रहा था। बताया जाता है कि आगरा के डीआईजी जेल दो-तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकते हैं। हालांकि, इस मामले में जांच को गोपनीय बताते हुए डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। लेकिन जेल विभाग के सूत्रों की माने तो वह बागपत जेल का हाल देखकर चौंक गए थे।
सुनील रोठी को मिली थी खुली छूट
बताया जाता है कि बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के मुख्य आरोपी गैंगेस्टर सुनील राठी ऐश काट रहा था। सूत्रों के मुताबिक जांच में जो बात सामने आई है उसके अनुसार यहां सुनील राठी की बैरक की कभी तलाशी नहीं ली गई, जबकि वह यहां लगभग एक साल से बंद था। खास बात तो ये है कि उससे मुलाकात करने वालों की न तो जेल में चेकिंग की जाती थी और न ही रजिस्टर में उनकी एंट्री दर्ज होती थी। हालांकि, जांच अधिकारी और आगरा के डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने इस पूरे मामले में सिर्फ इतना ही कहा कि वह जांच कर रहे हैं। जल्द ही शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे।
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बरामद पिस्टल के इस्तेमाल पर है शक
बताया जाता है कि इस जांच रिपोर्ट में यह उल्लेख नहीं है,पिस्टल जेल में कब और कैसे पहुंची। गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के थोड़ी देर बाद ही सुनील राठी की निशानदेही पर एक पिस्टल जेल के गटर से बरामद की गई थी। राठी ने बताया था कि इसी से उसने मुन्ना बजरंगी पर गोली चलाई गई थी। हालांकि, जानकार और जांच अधिकारी उस पिस्टल के इस्तेमाल पर शक जाहिर कर रहे हैं। इसकी वजह ये है कि इसे सुनील राठी ने बड़ी आसानी से इस पिस्टल को बरामद करा दिया था। अधिकारियों का मानना है कि राठी जैसा शातिर अपराधी इतनी आसानी से अपने खिलाफ साक्ष्य कैेसे दे सकता है।
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ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उसने कोई और पिस्टल बरामद करा दी हो, ताकि परीक्षण में यह साबित हो जाए कि इससे गोली नहीं चली, जिसका उसे फायदा मिल सकता है। यही कारण है कि पिस्टल को परीक्षण के लिए भेजने और रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि केस का खुलासा करने के लिए पिस्टल की जांच रिपोर्ट जरूरी है। गौरतलब है कि पिस्टल को जांच के लिए भेजने में भी लेटलतीफी हो रही है। बताया जाता है कि यह पिस्टल परीक्षण के लिए आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी जानी थी, लेकिन अभी तक यहां नहीं भेजी गई है।
Published on:
17 Jul 2018, 5:37 PM IST
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