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जूना अखाड़े ने गोल्डन बाबा को दिखाया बाहर का रास्ता, इसके पीछे रही ये वजह

गोल्डन बाबा के अलावा चार अन्य श्रीमहंत को भी हटाया गया  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 26 Dec 2018, 12:17 PM IST

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जूना अखाड़े ने गोल्डन बाबा को दिखाया बाहर का रास्ता, इसके पीछे रही ये वजह

मेरठ। करीब 17 किलो सोने के आभूषण पहनकर लोगों में हमेशा आकर्षण का केंद्र रहने वाले गोल्डन बाबा को करारा झटका लगा है। एेसा उनके साथ कभी नहीं हुआ है, जैसा प्रयागराज में कुंभ मेला शुरू होने से पहले हो गया। जूना रमता मंच के श्रीमहंत गोल्डन बाबा को संगम मेले की तैयारियों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गर्इ थी, लेकिन कर्इ शिकायतें मिलने के बाद जूना अखाड़ा ने अपने मुख्य कार्यालय के बाबा सिद्ध मौजगिरि मंदिर में बैठक करके न सिर्फ पद से हटाया, बल्कि जूना अखाड़ा से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया। गोल्डन बाबा के अलावा चार अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ भी यही कार्रवार्इ की गर्इ है।

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खराब व्यवहार आैर गलत भाषा बनी वजह

जूना अखाड़ा के मुख्य कार्यालय बाबा सिद्ध मौजगिरि मंदिर में हुर्इ बैठक में अखाड़े के मुख्य पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक में गोल्डन बाबा समेत पांच पदाधिकारियों के खिलाफ खराब व्यवहार आैर गलत भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महासचिव स्वामी हरि गिरि ने कहा कि गोल्डन बाबा व चार अन्य पदाधिकारियों को शिकायतें मिलने के बाद जूना अखाड़ा से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें पता चला है कि गोल्डन बाबा ने पुलिस के एक गनर को धमकाया आैर उसे सोने के आभूषण की चोरी के झूठे आरोप फंसाने की धमकी दी। गोल्डन बाबा ने गनर को अपने साथ हरिद्वार चलने को कहा था। उन्होंने बताया कि ये जानकारी पुलिस अफसरों ने उन्हें दी थी। उन्होंने बताया कि गोल्डन बाबा मेले में अन्य लोगों के खिलाफ भी खराब व्यवहार व गलत भाषा का प्रयोग किया, जिसके कारण जूना अखाड़ा को निर्णय लेना पड़ा। गोल्डन बाबा 28 नवंबर को यहां आ गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गोल्डन बाबा के अलावा श्रीमहंत पूजा पुरी, श्रीमहंत देवेंद्र पुरी, थानापति शिवोम पुरी आैर थानापुरी मनोहर पुरी को भी जूना अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

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कांवड़ यात्रा से लेकर कुंभ मेले तक

दिल्ली के रहने वाले गोल्डन बाबा अपने आभूषण को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं। चाहे कांवड़ यात्रा हो या फिर कोर्इ अन्य धार्मिक आयेाजन या मेला। गोल्डन बाबा वहां पहुंच जाते हैं। इस बार हरिद्वार कांवड़ यात्रा में वह 17 किलोग्राम के आभूषण पहनकर कांवड़ लाए। उनकी सिक्याेरिटी में कर्इ लोग व वाहन रहते हैं। गोल्डन बाबा जहां पहुंचते हैं वहां लोगों भी भीड़ लग जाती है।