
कांवड़ यात्रा मार्गों पर कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसी बीच कुछ घटनाएं भी घट रही हैं, जो काफी आहत करने वाली हैं। इसी तरह की एक घटना मेरठ में सामने आई है, जहां एक कांवड़िए की कांवड़ चोरी हो गई। इससे कांवड़िया इतना दुखी होकर फूट-फूटकर रोने लगा और जान देने के लिए गंगनहर में कूद गया। उसे देखते ही एक पीएसी के जवान ने भी बचाने के लिए गंगनहर में छलांग लगा दी। पीएसी का जवान काफी प्रयास कर उस तक पहुंच गया था और उसका हाथ भी पकड़ लिया था। लेकिन, पानी का बहाव काफी तेज होने के चलते, वह कांवड़िए को बचा नहीं सका और उसकी ही जान पर बन आई। इसके बाद गोताखोरों ने काफी मुश्किलों के बाद पीएसी के जवान को गंगनहर से बाहर निकाला। वहीं कांवड़िए का कुछ पता नहीं चल सका है।
दरअसल, मामला मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-58 का है। जहां हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली की ओर जा रहा कांवड़िया रुका था। इसी दौरान उसकी कांवड़ चोरी हो गई। जब उसे कांवड़ कहीं नहीं दिखाई दी तो वह बहुत दुखी होकर फूट-फूटकर रोने लगा। वहीं पुलिस को मामले की जानकारी मिली तो वह कांवड़ ढूंढने के स्थान पर कांवड़िए को जीप में बिठाकर गंगनहर पर ले गई और कहा कि वह यहीं से गंगाजल भर ले। इस पर कांवड़िए ने साफ मना कर दिया। फिर पुलिस कांवड़िए को वहीं छोड़ दिया। थोड़ी देर नहर पुल के पास बैठने के बाद अचानक कांवड़िए ने जान देने के लिए गंगनहर में कूद गया।
बचाने पहुंचे पीएसी जवान को डूबने से बचाया
कांवड़िये के कूदते ही पास खड़े पीएसी के जवान अमित ने भी उसे बचाने के लिए गंगनहर में छलांग लगा दी। अमित ने कूदते ही कांवड़िए का हाथ थाम लिया था, लेकिन तेज पानी के बहाव के कारण उससे हाथ छूट गया। गहराई अधिक होने और बहाव तेज होने के चलते फिर अमित भी डूबने लगा। पीएसी जवान अमित को डूबता देख मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने भी छलांग लगा दी और जैसे-तैसे पीएसी जवान अमित की जान बचा ली।
कांवड़िए की तलाश में लगे गोताखोर
एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि कांवड़िये की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम लगी हुई है, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि अभी तक यह भी नहीं पता चल सका है कि कांवड़िया कहां का रहने वाला था।
Updated on:
22 Jul 2022 08:27 pm
Published on:
22 Jul 2022 01:40 pm
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