
मेरठ. कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में तीन महीने के लॉकडाउन के बाद अब अनलाॅक हुआ है, लेकिन इन तीन महीनों में लाखों लोगों का रोजगार तक छिन गया है। लोगों के पास मकान मालिक को देने के लिए रुपये तक नहीं हैं। ऐसे में एक मकान मालिक ने दलित महिला कोे उसके पति समेत मकान से बाहर निकाल दिया है, ताकि लोग अपने घरों में सुरक्षित रह सकें। पीड़ित ने नजदीकी पुलिस चौकी पर शिकायत की। पुलिस ने मकान मालिक को फटकार लगाई। इसके बाद भी मामला नहीं सुलझा। अब मकान मालिक के लड़के ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए महिला की इज्जत लूटने का प्रयास किया है। महिला के शोर मचाने पर उसका पति आ गया तो मकान मालिक के पुत्र ने दलित दंपती से मारपीटकर उनका सामान घर से बाहर फेंक दिया।
दरअसल, शास्त्रीनगर आई ब्लाॅक के मकान नंबर-185 में किराए पर रहने वाली मीनाक्षी जाटव ने बताया मकान मालिक अनिल त्यागी पिछले कई दिनों से लगातार किराए की मांग कर रहे थे। मीनाक्षी ने मकान मालिक से कहा कि हमारे पास एटीएम कार्ड नहीं है। इसलिए बैंक सेे रुपये नहीं निकल पा रहे हैं। एक-दो दिन में आपको किराया मिल जाएगा, लेकिन मकान मालिक ने उसकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि शुक्रवार सुबह पीड़िता का पति घर पर नहीं था। इस दौरान मकान मालिक का लड़का मोहित उसके पास आया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मकान खाली करने की बात कही।
इसी दौरान मोहित ने दलित महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की तो पीड़िता ने शोर मचा दिया। इतने में उसका पति भी आ गया। मकान मालिक के बेटे ने दोनों के साथ मारपीट की और समान उठाकर बाहर फेंक दिया। पीड़िता पहले थाने पहुंची, लेकिन वहां पर भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गई। पीड़ित दलित महिला का कहना है कि जब तक दबंग मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वह धरने से नहीं उठेगी। घटना के बारे में एसओ ने बताया कि उनके पास तहरीर आई है। जांच कर मुकदमा लिखा जाएगा। अभी तक दोनों पक्षों के बीच मकान खाली कराने को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस महिला से दुष्कर्म के आरोपों की जांच कर रही है।
Published on:
19 Jun 2020 11:00 am
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