
मेरठ. 'मुहम्मद : द मैसेंजर ऑफ गॉड' ( Muhammad : The Messenger of God ) यानी पैगंबर मोहम्मद साहब पर बनी ईरान फिल्म का रिलीज होने से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। मेरठ में भी उलेमा अब इसके विरोध में उतर आए हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म के रिलीज से पहले कई मौलानाओं ने इसे बैन किए जाने की मांग की है।
बता दें कि मोहम्मद साहब के जीवन पर आधारित ईरान के विख्यात फिल्मकार माजिद मजीदी की फिल्म 'मुहम्मद : द मैसेंजर ऑफ गॉड' पर यह कोई पहली बार विवाद नहीं हो रहा है। फिल्म के डायरेक्टर माजिद मजीदी और म्यूजिक कॉम्पोजिशन देने वाले एआर रहमान के खिलाफ पहले भी फतवा जारी हुआ था।
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने 21 जुलाई को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले रिलीज को रोकने की अपील की है। कारी अफ्फान ने कहा कि इस फिल्म में पैगंबर का मजाक बनाया गया है। हम किसी भी धर्म और मजहब पर बनने वाली ऐसी फिल्मों का विरोध करते हैं। इस फिल्म पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एआर रहमान और माजिद मजीदी ने मजहब का अपमान किया है।
मौलाना शाहीन चतुर्वेदी ने फिल्म के बारे में कहा कि हालांकि उन्हें अभी यह नहीं पता है कि फिल्म में है क्या। लेकिन, अगर इसमें पैगम्बर के बारे में कुछ भी अपमानजनक है तो इस पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मुस्लिम समाज को इसका विरोध करना चाहिए। वहीं, मेरठ में जमीयत उलमा ने भी फिल्म का विरोध करते हुए इसके रिलीज करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जमीयत उलमा के मौलाना सलमान ने कहा कि किसी भी धर्म या मजहब के पूज्य पर आपत्तिजनक फिल्म बनाना उनका अपमान करना है। वे इसका विरोध करते हैंं।
Published on:
19 Jul 2020 12:05 pm
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