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आलू और प्याज के बेतहाशा बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के जारी हुए आदेश

Highlights- उद्यान विभाग ने सभी जिलों के डीएम को लिखा पत्र- जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश- पिछले 15 दिन में आलू की बोरी पर बढ़ गए 900 रुपए

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मेरठ

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lokesh verma

Oct 21, 2020

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मेरठ. आलू और प्याज के बेतहाशा बढ़ते दामों पर किसी भी कीमत पर रोक नहीं लग रही है। आलम यह है कि आलू की एक बोरी पर पिछले 15 दिन में ही दाम 900 रुपए बढ़ गए हैं। आलू की जो बोरी 15 दिन पहले 1100 रुपए की मिल रही थी। वह बोरी अब 2000 रुपए की मिल रही है। यहीं हाल प्याज का भी है। प्याज में प्रति किलो 20 रुपए का इजाफा हुआ है, जो प्याज दो सप्ताह पहले 30 रुपए थी वह अब 50 रुपए किलो हो चुकी है। आलू और प्याज के बढते दाम पर नियंत्रण के लिए अब उद्यान विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आलू, प्याज के भाव की जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए अपने स्तर से तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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इस संबंध में उद्यान विभाग के द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनपद के निजी शीतगृहों में आलू भण्डारण की अवधि 31 अक्टूबर, तक प्रभावी रखे। आलू-प्याज की आवक एवं बिक्री के संबंध में प्रभावी कार्यवाही इस प्रकार सुनिश्चित करें कि इनकी जमाखोरी न हो सके। दरअसल, कोविड-19 के संक्रमण के चलते एवं प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में जल भराव के कारण मौसमी हरी सब्जियों के उत्पादन प्रभावित होने के कारण आलू एवं प्याज के बाजार भाव में वृद्धि हुई।

उद्यान विभाग के अनुसार प्रदेश में एक अनुमान के अनुसार आलू की औसत खपत लगभग 6.5 लाख मीट्रिक टन प्रति रहती है। वर्तमान समय खरीफ का अन्तिम एवं रबी का प्रारम्भ होने के कारण हरी सब्जियों की आवक बाजार से कम हो जाती है। जिससे आलू की खपत में वृद्धि होना स्वाभाविक है। अक्टूबर माह के लिए शीतगृहों में लगभग 22 लाख टन खाने का आलू भण्डारित है। जबकि प्रदेश में नवम्बर माह के आखिरी सप्ताह में नये आलू की आवक प्रारम्भ हो जाती है।

टमाटर एवं प्याज की आपूर्ति अन्य प्रदेशों से आवक प्रभावित होने के कारण स्थानीय स्तर पर जमाखोरी कर अनावश्यक रूप से बाजार भाव में वृद्धि की जाती है। इसके लिए जनपद स्तर पर सभी स्टेक होल्डर यथा शीतगृह स्वामी, स्थानीय आढती, कृषक उत्पादक संगठन एवं उत्पादकों के साथ जिलाधिकारी बैठक करें और बाजार भाव को नियंत्रित रखने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस बारे में डीएम के बालाजी ने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। कीमतों में स्थिरता के लिए मंडी समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

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