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Lockdown के बीच लोगों ने घरों में मनाई हनुमान जयंती, मंदिरों में भीतर से सजावट, ऑनलाइन हुए बजरंगबली के दर्शन

Highlights लॉकडाउन के कारण मेरठ के मंदिर बंद रहे मंदिर समिति के लोगों ने आरती सम्पन्न की सिद्धपीठ हनुमान मंदिर बुढ़ाना गेट पहली बार बंद  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 8 Apr 2020, 6:57 PM IST

meerut

मेरठ। बुधवार को लॉकडाउन के बीच हनुमान जयंती मनाई गई। इस दौरान लोगों ने घरों पर ही वीर बजरंगी की पूजा-अर्चना की। कोरोना महामारी को लेकर जारी लॉकडाउन के चलते जहां एक ओर नगर के सभी मंदिरों के कपाट बंद हैं। वहीं, दूसरी ओर भक्तों को घरों में ही त्योहार और पर्व मनाने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोग सभी बड़े त्योहार अपने घरों में ही मना रहे हैं। कुछ दिन पूर्व हुए नवरात्र में भी मंदिरों में कहीं भी लोगों की भीड़ नजर नहीं आयी।

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ऐसा ही कुछ आज हनुमान जयंती को भी देखने को मिला। हनुमान जयंती पर्व पर मंदिरों में कोई तैयारी नहीं दिखी। बुढाना गेट हनुमान मंदिर में हालांकि भीतर से सजावट की गई थी, लेकिन बाहर गेट पर ताला लटका हुआ था। इस दौरान मंदिर के बाहर सफाई आदि की गई। वहीं इस दौरान मंदिर में भोग लगाया गया और भक्तों को ऑनलाइन दर्शन कराए गए। हनुमान मंदिर के अभिनव पाठक ने बताया कि मंदिर में भोग लगाया गया है। हमने वाट्सऐप ग्रुप पर वीडियो और लोगों को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पहले तीन दिन कार्यक्रम आयोजित करने का कार्यक्रम था। अब ऐसा नहीं किया गया।

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उन्होंने बताया कि पहले से हनुमान जयंती को लेकर एक माह पूर्व ही तैयारियां शुरू हो जाती थी। जिसमें मंदिरों की साफ-सफाई, पुताई और हनुमान के वस्त्र आदि थे। उन्होंने कहा हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण का पाठ का होता था। इस वर्ष हनुमान जयंती पर मंदिरों में भीड़ न हो इसके चलते प्रशासन ने भी कोई बड़े आयोजन नहीं करने के निर्देश हैं। जिसके फलस्वरुप सामूहिक तक आरती भी बंद कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि 18वीं शताब्दी के इस मंदिर में किसी भी परिस्थिति में कभी इस तरह बंद करने की नौबत नहीं आयी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि मंदिरों के कपाट बंद हैं। उन्होंने कहा वे प्रतिदिन मंदिर में सुबह-शाम की पूजा करते हैं, जो आगे भी जारी रहेगी। भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद रहे। लोगों ने घरों पर ही रहकर हनुमान जी पूजा और आरती की।

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