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कोरोना हॉटस्पॉट में ड्यूटी करना बड़ी चुनौती, इस तरह संक्रमण से बचाव कर रहे हैं अपने योद्धा

Highlights मेरठ जनपद में 19 कोरोना हॉटस्पॉट सील संक्रमित क्षेत्रों से रोजाना मिल रहे हैं मरीज पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी होते हैं सैनिटाइज  

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मेरठ। मेरठ में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले में अब तक 19 हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। इन सभी हॉटस्पॉट में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रही है। ऐसे में जब ड्यूटी पर तैनात या गश्त कर रही टीम की शिफ्ट बदली जाती है तो पूरे तरह से वाहनों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को सैनिटाइज किया जाता है। वाहनों को भीतर और बाहर से पहिए समेत सैनिटाइज किया जाता है।

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जिले में देहात और महानगर के क्षेत्रों में जहां पर सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव केस मिले उन स्थानों को सील कर दिया गया था। बता दें कि ये सील एक निर्धारित क्षेत्र में सीमित समय के लिए लगाई जाती है। इस समय सीमा में कोई भी व्यक्ति घर से नहीं निकल सकता। सील के दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार, पेट्रोल पंप, बैंक, एटीएम सब बंद रहते हैं। इसका उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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सील के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उनके घर पर होम डिलीवरी के माध्यम से की जा रही है। इस अवधि में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई। पिछले 24 घंटे में हॉटस्पॉट क्षेत्र हुमायूं नगर में कोरोना पॉजिटिव दो बहनों और इनके सम्पर्क में आयी 30 युवतियों के कारण यहां सख्ती और बढ़ा दी गई है। ऐसे में पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों के हॉटस्पॉट क्ष़ेत्रों में ड्यूटी करना और भी चुनौती बन गया है।

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एसपी सिटी डा. एएन सिंह ने बताया कि अभी जिन हॉटस्पॉट को सील किया गया है, वहां पर सील खोलने के कोई आसार नहीं हैं। ये स्थान अभी सील ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग वहां पर ड्यूटी कर रहे हैं वह पुलिस की टीम हो या फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों को वहां से आने के बाद पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाता है। उसके बाद ही उन्हें अन्य लोगों के सम्पर्क में आने दिया जाता है।