
मेरठ। नकली पेट्रोल मामले में एक्शन में आए आईजी जोन पूरे मामले की माॅनिटरिंग खुद कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में आरोपियों से खुद ही पूछताछ की है। इसके बाद कई पेट्रोल पंपों के नमूने लिए गए। वहीं शहर के तीन पेट्रोल पंपों को सील कर दिया गया। इसके बाद पुलिस की टीम वेस्ट यूपी से लेकर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक जांच में जुट गई है। नकली तेल का कारोबार करने वालों की जड़ें इन राज्यों में भी फैली हई हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वेस्ट यूपी से लेकर, हरियाणा, दिल्ली पंजाब तक नकली पेट्रोल मेरठ से सप्लाई किया जा रहा था। हर माह करोड़ों का नकली पेट्रोल सप्लाई किया जाता था। ऑयल कंपनी के टैंकर के चालक भी इस धंधे में शामिल थे। टैंकरों से असली पेट्रोल लेकर नकली मिलाने के बाद ही पंप पर बिक्री की जा रही थी।
दशकों से चल रहा था धंधा
तेल के खेल का धंधा करीब दस साल से जारी था। ऐसा नहीं है कि इसकी खबर थाना पुलिस को न हो। थाना पुलिस भी इस धंधे में मिली हुई थी। उसको भी महीना पहुंचता था। आपूर्ति विभाग, ऑयल कंपनी के अधिकारी और थाना पुलिस इन सब मामलों से अंजान बनी रही। यही कारण है कि तीनों विभागों पर भी पुलिस ने जांच बैठा दी है। आइजी के आदेश पर इंस्पेक्टर परतापुर को लाइन हाजिर और टीपीनगर को सस्पेंड भी कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दूसरे विभाग में हड़कंप मच गया है। पूर्ति विभाग भी अपने अफसरों को बचाने में जुटा हुआ है।
तीन राज्यों के संपर्क में मेरठ पुलिस
वेस्ट यूपी के तमाम जिलों के एसएसपी के साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली पुलिस से भी मेरठ पुलिस संपर्क कर रही है। वहां के पेट्रोल पंप पर शिकंजा कसने के लिए वहां के अधिकारियों से कोर्डिनेशन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जहां-जहां पंपों पर पेट्रोल सप्लाई किया जा रहा था, इसकी सूची हम प्राप्त कर रहे है। उसके आधार पर वहां की पुलिस से संपर्क कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आइजी आलोक सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसआइटी टीम का गठन किया। एसआइटी टीम ने प्रभारी एसपी देहात अविनाश पांडे को बनाया गया। एसआइटी टीम मुकदमे में जांच पड़ताल कर पूरे मामले में कार्रवाई करेगी।
Published on:
22 Aug 2019, 2:31 PM IST
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