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बिजली विभााग के दो कर्मचारी निलंबित, इन पर लगे थे ये गंभीर आरोप

एमडी आशुतोष निरंजन ने कहा- भ्रष्टाचार में संलिप्त अफसरों आैर कर्मचारियों पर जारी रहेगी कड़ी कार्रवार्इ
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 21 Apr 2018, 5:43 PM IST

meerut

मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी आशुतोष निरंजन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। उन्हांने विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मुहिम शुरू कर दी है। इसी कडी में उन्होंने दो कर्मचारियों को भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर निलंबित कर दिया। विद्युत भण्डार केन्द्र मेरठ,के अन्तर्गत सामग्री/स्क्रैप की जांच करने पर सहायक स्टोर इंचार्ज शशि कुमार तोमर, द्वारा उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना भण्डार सामग्री को दूसरों को देने और उच्चाधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण बार-बार मांगने पर भी समय पर स्पष्टीकरण न देना एवं सामग्री भण्डार में प्राप्ति दर्शायी जाने के बाद भौतिक सत्यापन में सामग्री के भण्डार में न उपलब्ध होने आदि गंभीर कदाचरण का प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर विद्युत भण्डार केन्द्र बागपत से सम्बद्ध किया गया।

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एमडी ने किया था निरीक्षण

उल्लेखनीय है कि माह फरवरी में प्रबन्ध निदेशक आशुतोष निरंजन द्वारा विद्युत भण्डार केन्द्र मेरठ का निरीक्षण किया गया था। जिसमें निरीक्षण के दौरान प्राप्त एवं निर्गत सामग्रियों के प्रपत्रों का समुचित रख-रखाव न करने के कारण एवं दस्तावेजों का सही से रखरखाव न करने के सम्बन्ध में सहायक स्टोर इंचार्ज शशि तोमर, सहायक भण्डार को प्रतिकूल प्रविष्टि का दण्ड एवं अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश निर्गत किये गये थे। इसी मामले में एक और अन्य कर्मचारी अमरीत थापा, लाइनमैन विद्युत भण्डार केन्द्र, मेरठ की तैनाती अवधि में भण्डार सामग्री/स्क्रैप प्राप्त न होने के उपरान्त निगम नियम के विरूद्ध अपनी हस्तलिपि में इन्वाईस तैयार करने तथा उच्चाधिकारियों को अनियमितता के सम्बन्ध में अवगत न कराने एवं विभाग को वित्तीय हानि पहुंचाने आदि गम्भीर कदाचरण का प्रथमदृष्ट्या दोषी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, विद्युत भण्डार खण्ड, मेरठ से सम्बद्ध किया गया।

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भ्रष्टाचार में संलिप्त अफसर आैर कर्मचारी नपेंगे

इस संबंध में आशुतोष निरंजन एमडी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार में संलिप्त होने पर छोड़ा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है।

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