
सैफी समाज ने मायावती के इस चहेते प्रत्याशी की बढ़ा दी मुश्किलें, दी ये बड़ी चेतावनी
मेरठ। मेरठ से महागठबंधन प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनको सैफी समाज से चुनौती मिली है। सैफी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी ने अपने समर्थकों के साथ हाजी याकूब के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है। हसीन अहमद का कहना है कि मैं हाजी याकूब कुरैशी के सगे भाई डॉ. यूसुफ कुरैशी के दिए गए बयान से सहमत हूं हमें देश को फिरकापरस्त ताकतों से बचाना है और एक मजबूत सांसद मेरठ को देना है।
हाजी याकूब कुरैशी ने मुरादाबाद से भी मुस्लिम प्रत्याशी को हरवाया। इसके बाद मेरठ से भी विधानसभा चुनाव में सैफी बिरादरी के उम्मीदवार आजाद सैफी को भी हरवाया। उत्तर प्रदेश में ढाई करोड़ से ज्यादा सैफी बिरादरी की वोटें है। उन्होंने कहा कि सैफी समाज महागठबंधन का विरोध करता है। क्योंकि इतनी बड़ी तादाद में होने के बाद भी किसी सेफ बिरादरी के उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया है। हाजी याकूब का बिरादरी में जबरदस्त विरोध है। उनकी जीत पर शंका जताते हुए हसीन सैफी ने कहा कि हम एक अप्रैल को एक बड़ी सभा करने जा रहे हैं। जिसमें तकरीबन दस हजार सैफी बिरादरी के लोग एकत्र होकर यह तय करेंगे कि किसका समर्थन किया जाए।
उसके बाद इसका ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन प्रत्याशी को समर्थन नहीं करेंगे और न ही वोट देंगे। सैफी संघर्ष समिति के इस कदम से महागठबंधन प्रत्याशी के खेमे में भूचाल आ गया है। बता दें कि मेरठ-हापुड़ लोकसभा में तकरीबन एक लाख अस्सी हजार के आसपास सैफी बिरादरी की भी वोट है। इतनी बड़ी तादाद में वोटों का फिसल जाना गठबंधन प्रत्याशी को भारी पड़ सकता है। वहीं माना जा रहा है कि सैफी समाज का झुकाव कांग्रेस की ओर हो सकता है। कांग्रेस की नजरें भी सैफी समाज की वोटों पर है।
Updated on:
27 Mar 2019, 5:18 PM IST
Published on:
27 Mar 2019, 2:36 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.