उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इस मामले में पूरी सजगता से काम किया। उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि बुलंदशहर में माहौल को खराब होने से बचाया गया है। अगर माहौल बिगड़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध अखलाक मामले की जांच से जुड़े थे। उनकी हत्या के पीछे अखलाक के हत्यारों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति से यह साफ है कि आम लोगों का राम मंदिर मसले से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के लोग विकास चाहते हैं। मंदिर और मस्जिद लोगों की प्राथमिकता में कहीं नहीं है। आम लोगों की प्राथमिकता रोजगार है। अयोध्या में हुई धर्मसभा में जुटी भीड़ इस बात की गवाह है। इसमें 20 से 25 लाख लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया था, लेकिन बमुश्किल 25-30 हजार लोग इकट्ठा हुए।