नईम का एनआईए के सामने पेश न होना या फिर पुलिस के सामने न आना इस बात को और पुख्ता कर रहा है कि कहीं न कहीं उसके तार आईएसआई या फिर आईएसआईएस से जुड़े हुए हैं। वहीं आतंकी संगठन आइएसआइएस का नया मॉड्यूल सामने आने के बाद एनआर्इए ने इनपुट पर काम करना शुरू कर दिया है। पश्चिम उप्र और प्रदेश के अन्य हिस्सों में आतंकी तार जुड़ने के बाद एटीएस भी पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। मेरठ सहित पश्चिम उप्र में छापेमारी की यह कार्रवाई इसी का हिस्सा थी, लेकिन सबसे गौर करने वाली बात यह है कि आतंकी संगठनों की निगाहें एनआईए की गतिविधियों पर भी है। छापेमारी से कुछ देर पहले ही किठौर के रार्धना निवासी नईम का फरार हो जाना इसकी पुष्टि करता है।