
Bharat Bandh: नए कृषि कानून की विरोध में किसान काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसको लेकर आज संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर भारत बंद का ऐलान किया गया है। लेकिन मेरठ के व्यापारियों ने बंद का विरोध किया है। व्यापारी इस भारत बंद में शामिल नहीं हुए और उन्होंने अपने प्रतिष्ठान खोले हुए हैं। महानगर के भीतर इसका असर होता नहीं दिखाई दे रहा है। महानगर के व्यापारी वर्ग ने भारत बंद का पुरजोर विरोध किया है।
व्यापारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन में व्यापारी पूरी तरह से टूट चुके हैं और अब मुश्किल से व्यापार ने गति पकड़नी शुरू की है। अभी व्यापार पूरी तरह से पटरी पर वापस नहीं लौटा है। इसलिए भारत बंद का वे व्यापारी लोग समर्थन नहीं करेंगे। मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एक बैठक कर यह निर्णय लिया है।
इस पूरे मामले में मेरठ संयुक्त व्यापार मंडल के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि कृषि कानून के विरोध में भारत बंद का कोई मतलब नहीं है। व्यापार संगठन बंद का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए भारत बंद की घोषणा का उनका संगठन पूरी तरह से बहिष्कार करता है। उन्होंने कहा कि आम दिनों की तरह सभी बाजार खुले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जा करने के कारण बहुत नुकसान अभी तक हो चुका है। भारत बंद का कोई औचित्य नहीं है। अपनी मांगों को लेकर वे प्रदर्शन कर रहे हैं। कोरोना के दौरान लॉकडाउन में व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। इस तरह के बंद के आहवान में व्यापारी शामिल नहीं हैं। आज महानगर में आम दिनों की तरह पूरे बाजार खुले हुए हैं।
डीएम मेरठ के बालाजी ने बताया कि महानगर और जिले में स्थिति समान्य हैं। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। यातायात भी पूरी तरह से व्यवस्थित है।
BY: KP Tripathi
Published on:
27 Sep 2021, 11:40 AM IST
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