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यूपी के इस शहर के सिद्धपीठ की अभेद्य सुरक्षा, सेना की भी रहेगी निगरानी, लाखों शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक

मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर सीसीटीवी, दूरबीन और ड्रोन से निगरानी
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meerut

यूपी के इस शहर के सिद्धपीठ की अभेद्य सुरक्षा, लाखों शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक

मेरठ। शिवरात्रि पर्व को देखते हुए मंदिरों की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। शहर के सभी शिवालयों खासकर जो संवेदनशील इलाके में हैं उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। हरिद्वार से जल लेकर कांवड़ियों का जत्था शहर में प्रवेश कर चुका है। खुद एडीजी ने पूरे जोन की सुरक्षा की कमान संभाली हुई है। मेरठ एसएसपी राजेश कुमार पांडे भी सड़क पर उतरकर अपने सिपाहियों की डयूटी चेक कर रहे हैं। अधिकारी कई बार एतिहासिक औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था जांच चुके हैं। साथ ही सेना भी जल चढ़ने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को परख रही है। डीआईजी ने मुजफ्फरनगर से मुरादाबाद तक सौ किमी का निरीक्षण किया। इसके बाद औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा परखी। औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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हजार जवानों के साथ आठ घुड़सवार पुलिस

औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए एक हजार जवानों के साथ ही आठ घुड़सवारों को लगाया गया हैं। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों के अलावा मंदिर के आस-पास एरिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। ड्रोन से भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।

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कमांडेट के हवाले सुरक्षा

एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि औघड़नाथ मंदिर में सुरक्षा की कमान कमांडेंट को सौंपी गई है। इसका नोडल अधिकारी इंस्पेक्टर सदर बाजार को बनाया गया। तीन एएसपी, चार सीओ, तीन कंपनी पीएसी, आरएएफ के अलावा सिविल पुलिस को लगाया गया। महिला पुलिसकर्मियों की भी बड़ी संख्या में ड्यूटी लगाई गई है।

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सेना की अपनी अलग सुरक्षा

सिविल पुलिस की अपनी अलग सुरक्षा व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त सेना ने औघडनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए अपनी अलग रणनीति तैयार की है। इसके लिए सेना की कई गाडियों को मंदिर के आसपास तैनात किया गया है। जिसमें सेना के जवान हथियार लेकर मुस्तैद दिखेंगे। सेना के जवानों ने यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए विशेष व्यवस्था की है।

एटीएस और आरएएफ होगी मंदिर के भीतर

मंदिर के भीतर परिसर के हिस्से की सुरक्षा का जिम्मा एटीएस और आरएएफ के कंधों पर होगा। परिसर के भीतर और मंदिर के ऊपर एटीएस और आरएएफ के जवान मोर्चा संभालेगे। एटीएस और आरएएफ के अधिकारियों ने बुधवार की रात ही मंदिर प्रांगण में डेरा डाल दिया था। जवानों ने भी सुरक्षा की कमान संभाल ली थी।