
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। जाम खुलवाने में नाकाम और चौराहों, सड़कों पर आम लोगों को नियमों का पाठ पढाने वाली मेरठ ट्रैफिक पुलिस खुद ही नियमों की अनदेखी पर उतर आई है। तमाम नियमों को ताक पर रखते हुए ट्रैफिक पुलिस चार्टर्ड अकाउंटेंट को उस वक्त क्रेन से कार समेत उठाकर ले गई जब वह अपनी पत्नी का अल्टासाउंड कराने के लिए डाक्टर के यहां गए थे और कार में बैठे हुए थे।
पीड़ित व्यक्ति बच्चा पार्क से लेकर पुलिस लाइन में ट्रैफिक कार्यालय तक शोर मचाते रहे। लेकिन सिपाहियों ने क्रेन को नहीं रोका। पूरे मामले में ट्रैफिक अफसरों ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ जांच बैठा दी है। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण को संज्ञान में ले लिया गया है। जांच शरू कर दी गई है। जांच में सिपाही दोषी पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, चाणक्यपुरी निवासी विक्रांत त्यागी चार्टड अकाउंटेंट हैं। वह रेलवे, गेल, बीएसएनएल समेत कई कंपनियों में कॉन्ट्रैक्टर भी हैं। वह बीमार बीमार पत्नी नेहा त्यागी का अल्टासाउंड कराने के लिए बच्चा पार्क गए थे। उनकी पत्नी कार से उतरकर भीतर चली गई। जबकि वे कार के भीतर ही बैठे रहे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की क्रेन आई और नो पार्किंग में खड़ी कार को क्रेन से उठा ले गई।
कार के भीतर बैठे विक्रांत ने शोर भी मचाया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। इस बीच विक्रांत ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर भेज दिया पुलिस लाइन आकर उन्होंने घटना पर आपत्ति जताई। हंगामा होता देखकर मौके पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर आ गए। टीआई ने मामला शांत किया और बिना चालान करने की बात कहते हुए पीड़ित को घर भेज दिया।
Published on:
19 Nov 2020, 4:02 PM IST
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