
Dhanteras 2021: पंडित भारत जान भूषण के अनुसार इस बार 2 नवंबर को धनत्रयोदशी (धनतेरस) कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी का पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व को धनतेरस भी कहा जाता है। धनतेरस दीपावली से एक दिन पहले आती है। उन्होंने बताया कि इस बार धनतेरस के दिन कन्या राशि और हस्त नक्षत्र का अदभुद संयोग बन रहा है। धनतेरस दो नवंबर मंगलवार को दिन में 11:31 से शुरू होकर तीन नवंबर सुबह 9:02 बजे तक रहेगी। इस दिन मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर की पूजा करने का अदभुद फल मिलेगा। इसी दिन आयुर्वेद के देव धनवंतरि का भी पूजन किया जाता है।
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इस समय तक ही रहेगा त्रिपुष्कर योग का लाभ
पंडित भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग में खरीदारी करने का लाभ तीन गुना तक शुभ फल देगा। त्रिपुष्कर योग का लाभ दो नवंबर को सूर्योदय से लेकर दिन में सुबह 11:31 बजे तक रहेगा। इस बीच बर्तन, सोना-चांदी, आभूषण, वाहन खरीदना मिट्टी के दीपक या घर का सामान खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन बेहद शुभ समझा जाने वाले त्रिपुष्कर योग बन रहा है। दो नवंबर को भौम प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है भौम प्रदोष के दिन घर, दुकान, जमीन या प्रॉपर्टी के क्षेत्र में निवेश करने से बड़ा लाभ मिलता है।
धनतेरस पूजन का मुहूर्त
शाम 6:05 बजे से शाम 7:58 बजे तक है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:27 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 5:12 बजे से 5:36 बजे तक।
प्रदोष काल- शाम 5:23 बजे से शाम 7:58 बजे तक।
वृषभ काल– शाम 6:05 बजे से रात्रि 8:01 बजे तक।
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11:24 बजे से रात्रि 2:16 तक।
Published on:
1 Nov 2021, 10:29 AM IST
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