
मेरठ। नगर निकाय चुनाव में जनपद में भाजपा को करारा झटका लगा है। यहां से भाजपा की मेयर पद की प्रत्याशी कांता कर्दम को बसपा की सुनीता वर्मा ने करारी पटकनी दी है। वहीं, दूसरी ओर मेरठ की परंपरा भी कायम रही है कि जिस पार्टी की सरकार प्रदेश में होती है, उस पार्टी का मेयर कभी यहां से चुनाव नहीं जीता।
भाजपा की आपसी गुटबाजी रही पूरे चुनाव में हावी
निकाय चुनाव में भाजपा में गुटबाजी बुरी तरह से हावी रही। निकाय चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी कांता कर्दम के साथ विधायक और सांसद साथ तो दिखे, लेकिन इन लोगों ने मन से मेयर को जिताने के लिए काम नहीं किया। जिसका नतीजा यह रहा कि मेयर पद की प्रत्याशी कांता कर्दम बुरी तरह से पराजित हुईं।
जिन वार्डों में भाजपा के पार्षद जीते, उन वार्डों से हारीं कांता
भाजपा महानगर के शास्त्री नगर मंडल में पांच वार्ड हैं, इन पांचों वार्डों में भाजपा के पार्षद पद के प्रत्याशी भारी मतों से चुनाव में विजयी हुए लेकिन इन्हीं वार्डों में भाजपा की मेयर प्रत्याशी को ही लोगों ने वोट नहीं दिया। भाजपा के गढ़ और दलित बाहुल्य क्षेत्र शेरगढ़ी से भाजपा की सुनीता रानी विजयी हुई, जबकि यहां से लोगों ने बसपा को ज्यादा वोट दी।
यह हैं सबसे पढ़ी-लिखी पार्षद
वार्ड पार्षदों में अधिकांश जीते पार्षदों की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल इंटर या स्नातक है, लेकिन पूरे 90 वार्ड में एकमात्र वार्ड 53 की प्रत्याशी डाॅ. निधि शर्मा ने 1700 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। डाॅ. निधि शर्मा भाजपा से वार्ड 53 की पार्षद बनी हैं। पेशे से शिक्षिका डाॅ. निधि शर्मा ने कला में पीएचडी की है। वह नेट व जेआरएफ क्वालीफाई करने के साथ ही विदेश से भी डिग्री लिए हुए हैं।
Published on:
01 Dec 2017 04:37 pm
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