
martyred
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ meerut news महानगर मेरठ का एक और लाल BSF Solder देश के लिए शहीद martyred हो गया। जम्मू कश्मीर में सियाचिन बार्डर पर तैनात मेरठ निवासी सूबेदार वीरेंद्र कुमार ने अपने प्राण देश पर न्यौछावर कर दिए। सेना मुख्यालय से उनके परिजनों को जब फोन आया तो परिवार में कोहराम मच गया।
शहीद वीरेंद्र कुमार का पार्थिक शरीर आज पहले दिल्ली पहुंचेगा उसके बाद वहां पर सैन्य सम्मान के साथ मेरठ के लिए शाम तक रवाना किया जाएगा। मेरठ में शहीद सैनिक का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी शहीद सूबेदार वीरेंद्र कुमार सियाचिन Siachen में ड्यूटी कर रहे थे। अगले महीने ही वहां उनकी ड्यूटी पूरी होने वाली थी। इसके बाद वह छुट्टी लेकर घर आते। इससे पहले ही उनके शहीद होने की सूचना परिवार के पास आ गई। सूबेदार वीरेंद्र कुमार के छोटे भाई कुलदीप भी सेना में कार्यरत हैं। कुलदीप के अनुसार सूबेदार वीरेंद्र कुमार से उनकी पत्नी रीना की आखरी बार 13 अप्रैल को बात हुई थी। वे गत 14 अप्रैल को वह शहीद हाे गए। सैन्य व मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज उनके पार्थिव शरीर को मेरठ लाया जा रहा है।
सूबेदार वीरेंद्र की शहादत कैसे हुई इसके बारे में अभी सेना ने कोई जानकारी नहीं दी है। मूल रूप से रोहटा मीरपुर के निकट भदौड़ा के रहने वाले सूबेदार वीरेंद्र कुमार व उनके भाई करीब 12 साल से रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी में रह रहे थे। दोनों भाइयों ने यहां अपना मकान बनाया है। सूबेदार वीरेंद्र कुमार की बड़ी बेटी कशिश 14 साल की है और कक्षा 9वीं में पढ़ रही है। दूसरी बेटी मुस्कान 11 साल की है और 7वीं में पढ़ रही है। सबसे छोटा बेटा विवान 7 साल का है।
सूबेदार वीरेंद्र कुमार वर्ष 1998 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी भर्ती 143 मीडियम रेजिमेंट में हुई थी। सियाचिन में ड्यूटी के दौरान वह पंजाब रेजीमेंट के साथ कार्यरत थे। साल 2004 में उनकी शादी रीना से हुई थी। उनके साले मोनू ने बताया की रीना की तबीयत खराब रहने के कारण उन्हें अभी तक सूबेदार वीरेंद्र कुमार से शहादत की सूचना नहीं दी गई है।
Updated on:
17 Apr 2021 10:56 pm
Published on:
17 Apr 2021 10:54 pm
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