
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. एक तो कोरोना संक्रमण ने लोगों को परेशानी में डाल रखा है। वहीं, दूसरी ओर आंधी और तूफान ने शुक्रवार देर शाम ऐसा कहर बरपाया कि मेरठ महानगर से लेकर गांवों तक हाहाकार मच गया। इस आंधी से आम बाग मालिकों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। आंधी-तूफान के चलते कहीं टीन आदि उड़कर वाहनों पर गिर गए तो कहीं पेड़ पर लगे बौर झड़ गए। इससे लोगों को लाखों के नुकसान हुआ है। जबकि बिजली कटौती के चलते महानगर करीब 8 घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा।
आंधी-तूफान की तबाही का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को इससे जबरदस्त क्षति पहुंची है। आंधी-तूफान से कई घरों की कच्ची छतें तक उड़ गईं। आंधी-तूफान के बाद जिले के कई स्थानों पर बारिश हुई तो घर में रखे खाने-पीने के सामान और अनाज भी बर्बाद हो गए। ऐसे में वैश्विक महामारी के इस काल में बेमौसम आंधी और बारिश से लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी है।
लोगों का कहना है कि अचानक तेज आंधी तूफान और बारिश एक साथ शुरू हुई तो एक समय लगा कि प्रलय आने वाली है। तेज आंधी-तूफान के कारण घर की छत उड़ गई और बारिश होने की वजह से घरों में पानी घुसने लगा। वहीं दूसरी ओर तेज गड़गड़ाहट के साथ जब बादल गरज रहे थे तो वज्रपात होने की आशंका से दिल बैठा जा रहा था।
बता दें कि मौसम विभाग ने पहले से ही तीन दिन बारिश और आंधी की आशंका जताई थी, जिसके चलते देर शाम आसमान में बादल घिर आए और तेज हवा के साथ आंधी और तूफान आ गया। इसके बाद जबरदस्त अंधेरा छा गया और फिर उसके बाद चारों ओर होर्डिंग्स और कमजोर पेड़ गिरने शुरू हो गए। पेड़ गिरने से कई स्थानों पर यातायात पर भी असर पड़ा। जिसके चलते ट्रैफिक रोक देना पड़ा। मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को भी आंधी और बारिश की आशंका व्यक्त की है। आगामी 24 घंटे के भीतर तेज आंधी और बारिश की संभावना है।
Published on:
17 Apr 2021, 10:29 AM IST
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