
मिर्ज़ापुर. जिले में ई-पास मशीनों के जिरए हुए खाद्य घोटाले के मामले में पत्रिका द्वारा प्रसारित की गई खबर का बड़ा असर हुआ है। शासन के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी उमेश चंद ने आधारकार्ड में हेराफेरी कर खाद्यान घोटाले के मामले में मंगलवार की रात सात कोटेदारों के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज करने के लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की टीम को थाने भेज तहरीर दिया। देर रात तक शहर कोतवाली में एक और कटरा कोतवाली में दो के खिलाफ धोखाधड़ी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद से जिले के कोटेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि शहर की नौ सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन के दुकानदारों ने ई-पास मशीन के जरिए वास्तविक कार्ड धारकों के आधार कार्ड के बजाय फर्जी तरीके से सात अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड के जरीए 1027 बार खाद्यान निकाल कर घोटाले को अंजाम दिया था। मामला खुलने के बाद नौ टीमों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद जाँच के दौरान पता चला कि गणेशगंज सीसी स्टोर की रमईपट्टी स्थित राशन की दुकान के राशन ट्राजेंक्शन नबंर 207, घुरहूपट्टी स्थित गोपीनाथ की राशन की दुकान के ट्रांजेक्शन नंबर 75, वासलीगंज स्थित मंगला प्रसाद के कोटे की दुकान के ट्रांजेक्शन नंबर 137, केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भण्डार की ककरहवां कोटे की दुकान के ट्राजेक्शन नम्बर 232 नम्बर का आधार कार्ड किसी अन्य व्यक्ति के नाम शो कर रहा है। राशन किसी अन्य ने उठाया है।
इसीतरह शिवपुर स्थित राजेंद्र प्रसाद जायसवाल की दुकान के ट्रांजेक्शन नम्बर 126, यातायात पर्यटन सहकारी समिति की जोगियाबारी स्थित राशन की दुकान के ट्रांजेक्शन नम्बर 95, मुकेरी बाजार स्थित हनुमानदास की राशन की दुकान के ट्रांजेक्शन नम्बर 25, संगमोहाल स्थित सीसी स्टोर की दुकान संख्या 31 कतवारू का पुरा के ट्रांजेक्शन नम्बर 119 व मंगलदास की कोटे की दुकान संख्या 75 के ट्रांजेक्शन नम्बर 11 भी गलत पाया गया है। पूर्ति निरीक्षक ने जांच के दौरान दोषी पाए गए सात दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की लिए थाने भेजा।
इसमे शहर कोतवाली में क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक विकास कुमार ने विजय कुमार निवासी वासलीगंज के खिलाफ और विनोद तिवारी ने मनोज ककरहा और सहाबुद्दीन खां निवासी कतवारू का पूरा के खिलाफ कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। कोटेदार के साथ सचिव व अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए देर रात तक लिखा पढ़ी होती रही। जिला पूर्ति अधिकारी उमेश ने बताया कि जांच के बाद सात कोटेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। अभी मामले की जांच चल रही है।
By- सरेश सिंह
Published on:
29 Aug 2018, 10:52 AM IST
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