
अमृतसर ट्रेन हादसा: की-मैन से लेकर स्टेशन मास्टर तक की जिम्मेदारी तय, गेटमैन देगा भीड़ की जानकारी
नई दिल्ली। अमृतसर ट्रेन हादसे से रेलवे ने भले ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया हो, लेकिन इस घटना से रेल प्रशासन ने बहुत बड़ी सीख ली है। घटना के एक सप्ताह के अंदर रेलवे ने एक आदेश जारी कर रेल आपरेशन से जुड़े सभी लोगों की जिम्मेदारी तय कर दी है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को रेल प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएंगी। बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले अमृतसर में रावण दहन के दौरान भीषण रेल हादसा हुआ था। इस हादसे में 62 लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गईं थीं।
हादसा रेल प्रशासन के लिए बड़ा सबक
अमृतसर रेल हादसा रेल प्रशासन के लिए बड़ा सबक है। इस हादसे से सीख लेते हुए रेल प्रशासन दिल्ली मंडल ने एक आदेश जारी कर सबकी जिम्मेदारी तय कर दी है। रेल प्रशासन ने इस मामले में की-मैन से लेकर स्टेशन मास्अर तक की जिम्मेदारी तय की है। लोको पायलट व गार्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि ट्रैक के आसपास भीड़ दिखने और त्यौहार आदि के आयोजन पर स्पीड कंट्रोल में रखें और लगातार हॉर्न बजाते रहें। गेटमैन को ट्रैक के पास भीड़ दिखने और किसी आयोजन की जानकारी नजदीकी स्टेशन को देना होगा। यानी स्टेशन मास्टर, गेटमैन, लोको पायलट, गार्ड या किसी से भी सूचना मिलने पर जीआरपी और लोकल पुलिस को बताएं। इतना ही आरपीएफ से भी कहा गया है कि किसी भी वजह से ट्रैक के आसपास भीड़ दिखे तो इस बात की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
कार्यक्रमों की बनेगी सूची
इसके साथ ही रेल प्रशासन अब सामाजिक व धार्मिक संगठनों से ट्रैक के आसपास होने वाले आयोजनों की सूचना समय से पहले देने को कहेगा। साथ ही अपने अफसरों को निर्देश दिया है कि वे उन जगहों को चिह्नित करें जहां हर साल ऐसे आयोजन होते हैं। ताकि अमृतसर रेल हादसे की तरह कोई और घटना दोबारा न हो।
कई स्तरों पर जांच जारी
आपको बता दें कि पिछले शु्क्रवार को अमृतसर के जोड़ा फाटक पर भयंकर ट्रेन हादसा हुआ था। जालंधर-अमृतसर डीएमयू ट्रेन की चपेट में आने से 62 लोगों की कटकर मौत हो गई थी। इस घटना की देश भर में निंदा हुई और पंजाब सरकार के साथ रेलवे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई। अब इस मामले में कई स्तरों पर जांच हो रही है।
Published on:
25 Oct 2018 08:42 am
